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‘व्यथा कहे पांचाली’ को मिली दर्शकों की भरपूर सराहना, डॉ.’उर्वी’ की काव्य कृति का काजल सूरी ने किया नाट्य मंचन

नई दिल्ली। रुबरू थिएटर द्वारा आयोजित ”व्यथा कहे पांचाली” नाट्य प्रस्तुति को दर्शकों की भरपूर सराहना मिली। डॉ. उर्वशी अग्रवाल ‘उर्वी’ की काव्य कृति का नाट्य रूपांतरण, निर्देशन व परिकल्पना काजल सूरी द्वारा किया गया। महाभारत की विभिन्न घटनाओं जिनसे आम जनमानस साक्षात जुड़ा हुआ है, को पांचाली की व्यथा के विभिन्न आयामों में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।

जिससे दर्शक कथानक से आसानी से जुड़ सके। पात्रों के चयन और उनके अभिनय ने नाटक को वास्तविकता से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सेट डिज़ाइन, प्रकाश और ध्वनि का सामंजस्य नाटक को एक कालखंड से जोड़ने में सहायक रहा। राजधानी के एलटीजी सभागार में आयोजित नाटक में निर्देशिका ने पात्रों के भावनात्मक पहलुओं को प्रभावी ढंग से उजागर किया। जिसका दर्शकों पर गहरा प्रभाव पड़ा। सभी कलाकारों ने अपनी भूमिका के साथ न्याय किया। द्रौपदी की व्यथा, दुर्योधन की धूर्तता, पाण्डवों की विवषता, गांधारी का श्राप, कुंती का पछतावा, अभिमन्यु वध, धृतराष्ट्र का दुख दर्शकों के हृदय को छू गए। मंच पर वर्षा, जसकिरण चोपड़ा, डॉ. उर्वशी अग्रवाल, धरम गुप्ता, शुभम् शर्मा, नीरज तिवारी, गीता सेठी, अपूर्व, संदीप, मंत्रा, अदिता, कृश, तनीषा, स्पर्श, सुजाता, प्रवीण, तरूण वैभव, हर्षित, कशिश, सत्यम और बाल कलाकार मायरा ने अपनी अभिनय क्षमता का अच्छा प्रदर्शन किया।

नाटक में कलाकारों के बीच का तालमेल और सहयोग ने प्रदर्शन को और भी आकर्षक बना दिया। नृत्य संचालन नीरज तिवारी का था। रुपसज्जा में राशिद भाई, प्रकाश व्यवस्था में सुनील, संगीत में अभिषेक और ईशानी, मंच संचालन में सुख्नन्दन बिंद्रा ने, पार्श्व मंच पर प्रियंका, आकाश व दीनू ने सहयोग प्रदान किया। प्रोडक्शन कोऑर्डिनेटर के रूप में राहुल व रोहित मारोठिया ने सहयोग प्रदान किया। इस अवसर पर हास्य कवि सुरेन्द्र शर्मा, पवन अग्रवाल, डॉ. माला कपूर ‘गौहर’, सुरेन्द्र सिंघल, ओम निश्चल, बालस्वरूप राही, ऋषि कुमार शर्मा, प्रवीण शुक्ल, नलिनी, कमिलिनी, प्रभा ठाकुर, संध्या बजाज, अक्षयवरनाथ श्रीवास्तव, तन्वी कपूर गोयल, सुषमा गोयल, तूलिका सेठ, उमा नवानी, मंजू कौशिक, एकता कोहली, अंजू जैन, सिया सचदेव मुकेश चंद्रा व पंकज शर्मा सहित बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद थे।

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