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अखंड भारत मिशन का “प्रतिमा सम्मान मिशन”- महासचिव शुभम गर्ग का ऐतिहासिक योगदान

गाजियाबाद,(आनन्द धारा न्यूज़)। समाज में वर्षों से एक गंभीर समस्या बनी हुई थी – खंडित मूर्तियों का सम्मानजनक निस्तारण। अक्सर देखा गया कि धार्मिक आस्था और श्रद्धा से स्थापित मूर्तियाँ समय के साथ खंडित हो जाती हैं और उनके निस्तारण को लेकर समाज दुविधा में रहता है। यह विषय हर किसी के मन में पीड़ा का कारण रहा, किंतु समाधान का अभाव हमेशा खलता रहा।

इसी ज्वलंत समस्या का समाधान लेकर आए अखंड भारत मिशन के महासचिव शुभम गर्ग, जिन्होंने इस मुद्दे को गंभीरता से समझते हुए “प्रतिमा सम्मान मिशन” की ऐतिहासिक शुरुआत की। इस मिशन के माध्यम से न केवल खंडित मूर्तियों का सम्मानपूर्वक निस्तारण सुनिश्चित किया गया, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया गया कि आस्था और संस्कृति के प्रति सच्चा सम्मान तभी है जब हम अपने धार्मिक प्रतीकों के प्रति संवेदनशील बने रहें।

शुभम गर्ग ने इस कार्य में अनेक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और श्रद्धालुओं को जोड़ा, जिससे यह पहल एक जनआंदोलन का स्वरूप ले सकी। उनका दृष्टिकोण और नेतृत्व यह सिद्ध करता है कि यदि निष्ठा और दूरदर्शिता के साथ काम किया जाए तो कोई भी समस्या असंभव नहीं होती। आज युवा पीढ़ी शुभम गर्ग को एक आदर्श और प्रेरणा स्रोत के रूप में देख रही है।

अखंड भारत मिशन, जो समाज और राष्ट्र के उत्थान हेतु निरंतर कार्यरत है, ने इस पहल को अपने मूल उद्देश्यों की पूर्ति की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। मिशन की यह पहल न केवल धार्मिक आस्था की रक्षा करती है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव को भी नई ऊँचाइयों पर पहुँचाती है।

महत्वपूर्ण यह भी है कि इस मिशन का प्रभाव अब विभिन्न प्रदेशों में भी दिखाई देने लगा है, जहाँ से लोग प्रतिमा सम्मान मिशन से जुड़ रहे हैं और इसी तरह के प्रयास करने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। इससे यह स्पष्ट है कि शुभम गर्ग के नेतृत्व में अखंड भारत मिशन की यह मुहिम राष्ट्रीय स्तर पर एक व्यापक आंदोलन का रूप ले रही है।

इस अवसर पर अखंड भारत मिशन के संस्थापक अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने शुभम गर्ग की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से मिशन की प्रतिष्ठा और भी ऊँची हुई है। उन्होंने शुभम को संगठन की सच्ची शक्ति और समाज में सकारात्मक परिवर्तन का वाहक बताया।

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