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लखनऊ में मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के विरोध में गाजियाबाद पेरेंट्स एसोसिएशन ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

गाजियाबाद,(आनन्द धारा न्यूज़)। लखनऊ में स्कूल बस ड्राइवर द्वारा 4 वर्षीय बच्ची के साथ किए गए दुष्कर्म की घटना से आक्रोशित गाजियाबाद पेरेंट्स एसोसिएशन ने शुक्रवार को जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रदेशभर के स्कूल बसों और स्टाफ की निगरानी को लेकर सख्त नियम लागू करने की मांग की गई है।

ज्ञापन में एसोसिएशन ने कहा कि यह घटना केवल एक बच्ची के साथ नहीं, बल्कि पूरे समाज, विशेषकर अभिभावकों के भरोसे पर आघात है। स्कूल वह स्थान होता है जहाँ बच्चे सुरक्षित महसूस करते हैं, लेकिन यदि वहां पर नियुक्त स्टाफ की जांच-पड़ताल ही न हो, तो बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो जाते हैं।

ज्ञापन में उठाई गई प्रमुख माँगें:

सभी स्कूल स्टाफ (ड्राइवर, आया, गार्ड, चपरासी आदि) का वार्षिक पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य किया जाए।
मानसिक स्थिति, नशा सेवन और स्वास्थ्य की मेडिकल रिपोर्ट प्रत्येक 6 महीने में ली जाए।
स्कूल प्रबंधन को स्टाफ के चरित्र प्रमाणपत्र, आधार, निवास और आपराधिक रिकॉर्ड की जांच सुनिश्चित करनी चाहिए।
सभी स्कूल बसों में GPS और CCTV कैमरे लगे हों तथा उनकी नियमित निगरानी की जाए।
ड्राइवरों को ट्रैफिक नियमों और बच्चों से व्यवहार की विशेष ट्रेनिंग दी जाए। किसी भी अपराध या लापरवाही की स्थिति में स्कूल प्रबंधन को भी कानूनी रूप से जिम्मेदार ठहराया जाए।
स्कूल परिसरों और बसों की रेंडम चेकिंग के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
हर थाना प्रभारी को निर्देशित किया जाए कि 10 दिनों के भीतर उनके क्षेत्र के सभी स्कूल स्टाफ का वेरिफिकेशन थाने में जमा हो।

गाजियाबाद पेरेंट्स एसोसिएशन की अपील:
एसोसिएशन के उपाध्यक्ष पवन कुमार शर्मा ने प्रशासन से मांग की कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा, “बच्चों की सुरक्षा कोई विकल्प नहीं, बल्कि एक अनिवार्यता है। यदि हम आज सतर्क नहीं हुए, तो कल इसका पछतावा बहुत बड़ा होगा।”
ज्ञापन के माध्यम से एसोसिएशन ने शासन, प्रशासन और शिक्षा विभाग से बच्चों के लिए एक सुरक्षित और भरोसेमंद स्कूल वातावरण सुनिश्चित करने की अपील की।
इस मौके पर एसोसिएशन के अन्य सदस्यों ने भी प्रशासन से कड़े कदम उठाने की मांग की और कहा कि समाज की जिम्मेदारी है कि वह बच्चों को हर प्रकार के शोषण और अपराध से बचाने के लिए एकजुट होकर आवाज़ उठाए।

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