
मोदीनगर/गाजियाबाद।वेद विज्ञान संस्थान मोदीनगर एवं भगवान परशुराम राष्ट्रीय पंडित परिषद के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को एक दिवसीय ज्योतिष सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का मुख्य विषय “ज्योतिष परिप्रेक्ष्य में टूटते वैवाहिक रिश्ते” रहा। देशभर से आए 100 से अधिक मूर्धन्य ज्योतिषाचार्यों एवं विदुषियों ने अपने अनुभव और शास्त्रीय ज्ञान के आधार पर सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत किए।महाराज राजकीय संस्कृत महाविद्यालय, जयपुर के सेवानिवृत्त प्राचार्य प्रो. आनंद पुरोहित ने वैदिक परंपरा में वर्णित विवाह के आठ प्रकारों पर प्रकाश डालते हुए कुंडली मिलान के महत्व को विस्तार से समझाया। डॉ. के. पी. मुद्गल ने अष्टकूट, गुण एवं मंगल मिलान के साथ-साथ वर-वधू के चरित्र और व्यावहारिक गुणों को भी वैवाहिक सफलता के लिए आवश्यक बताया।
शिव शंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र, गाजियाबाद के आचार्य शिवकुमार शर्मा ने कहा कि वेदों और प्राचीन ग्रंथों में विवाह संस्कार दिन में संपन्न करने का विधान है। ऐतिहासिक कारणों से रात्रि विवाह की परंपरा शुरू हुई, जो दांपत्य जीवन के लिए अनुकूल नहीं मानी जाती। उन्होंने दिन के वैवाहिक मुहूर्त तथा गोधूलि वेला को सर्वोत्तम बताया और वर्तमान व्यवस्थाओं में बदलाव की आवश्यकता पर बल दिया।
डॉ. सतीश भारद्वाज ने सामाजिक, संवैधानिक और व्यावहारिक पक्षों पर चर्चा करते हुए “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” के साथ “बहू को भी बेटी बनाओ” का संदेश दिया, ताकि भारतीय परिवारों में संस्कार सुरक्षित रह सकें।
सम्मेलन के संयोजक एवं संस्था के यूपी सह प्रभारी डॉ. कृष्ण कुमार शर्मा ने बताया कि भारतीय वेद ज्योतिष विज्ञान संस्थान के अध्यक्ष एवं भगवान परशुराम राष्ट्रीय पंडित परिषद ट्रस्ट के उत्तर प्रदेश प्रभारी डॉ. विनायक पुलह द्वारा 100 ज्योतिष सम्मेलनों के सफल आयोजन की ऐतिहासिक उपलब्धि पर इस अवसर पर उनका नागरिक अभिनंदन किया गया।

राष्ट्रीय महासचिव आचार्य पंडित ओपी शास्त्री ने जानकारी दी कि ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित सुरेश गौड़ एवं राष्ट्रीय संगठन मंत्री आचार्य सुरेश शर्मा के नेतृत्व में देशभर से आए विद्वान ज्योतिषाचार्यों एवं अतिथियों को मंच पर दुपट्टा, माला, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
सम्मेलन में डॉ. नरोत्तम पुजारी, बजरंग लाल शर्मा, डॉ. कार्ष्णि भरत महाराज, पंडित हरिप्रसाद गौड़ (म.प्र.), योगेश्वर शास्त्री, पंडित गिरधारी लाल शर्मा, एडवोकेट सुधा शर्मा, पंडित शिवकुमार शर्मा, पंडित बृजवासी, डॉ. सुरेन्द्र शर्मा, प्रमिला गुप्ता, अंजलि गिरधर सहित अनेक विद्वानों ने ज्योतिषीय व्याख्यान एवं पत्र-वाचन के माध्यम से टूटते वैवाहिक रिश्तों के कारणों और समाधान पर प्रकाश डाला।





