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व्यापारियों के उत्पीड़न के विरोध में नगर पालिका परिषद के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

मुरादनगर,(मनीष गोयल)। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने नगर पालिका परिषद के माध्यम से प्रदेश के व्यापारियों के उत्पीड़न के विरोध में मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजकर उनकी समस्याओं के समाधान की मांग की है।
प्रदेश भर के नगर निगम, नगर पालिकाएं और नगर पंचायतें व्यापारियों को नए-नए तरीकों से प्रताड़ित कर रही हैं, जिससे व्यापारियों में भारी असंतोष व्याप्त है। ज्ञापन में मांग की गई है कि मनमाने तरीके से किए गए जी.आई. सर्वे के आधार पर हाउस टैक्स में की गई बेतहाशा बढ़ोतरी को तत्काल निरस्त किया जाए और पुराने नियमों के अनुसार तैयार किए गए बिलों को ही माना जाए। साथ ही, शासनादेश संख्या 912/नौ-9-24-85 ज/05 टीसी-1, दिनांक 28 जून 2024 को सभी नगरीय निकायों में तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। औद्योगिक और वाणिज्यिक भवनों के टैक्स निर्धारण में डेप्रीसिएशन का लाभ भी देने की मांग की गई है।
जिन क्षेत्रों में सीवर लाइन की व्यवस्था नहीं है, वहां सीवर टैक्स न लगाया जाए। इसके अलावा गृह कर के साथ जलकर वसूले जाने पर भी आपत्ति जताई गई।
बरसात में जलभराव, कूड़ा निस्तारण की बदहाल व्यवस्था, नालों, सड़कों, स्ट्रीट लाइट और गलियों की बदहाली, आवारा कुत्तों और बंदरों का आतंक और अतिक्रमण व जाम की समस्या जैसे मुद्दों पर भी मंडल ने ध्यान आकृष्ट किया। साथ ही मांग की कि स्ट्रीट वेंडर अधिनियम 2014 को पूरे प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू किया जाए, जिससे व्यापारियों को राहत मिल सके।
ज्ञापन में अधिकारियों की आम जन से दूरी पर भी सवाल उठाते हुए यह आग्रह किया गया कि सभी नगर निकाय अधिकारियों को प्रातः 10 से 12 बजे तक जनता से मिलने हेतु कार्यालय में उपलब्ध रहने का निर्देश दिया जाए।
इस अवसर पर नगराध्यक्ष राजकुमार गोयल, महामंत्री अतुल गर्ग, उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा, देवेंद्र सिंघल, कोषाध्यक्ष मनोज बिंदल, अमित गर्ग, सचिन गोयल और अमनदीप राणा समेत अन्य व्यापारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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