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यूपीआईटीएस में केंद्रीय मंत्री के समक्ष उपेंद्र गोयल ने उठाईं एमएसएमई सेक्टर की समस्याएं

ग्रेटर नोएडा,(आनन्द धारा न्यूज़)। एक्सपो मार्ट में 5 दिवसीय यूपीआईटीएस का उद्घाटन कल माननीय प्रधानमंत्री द्वारा किया गया था। आज इसी समारोह में माननीय केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी, एमएसएमई मंत्री उत्तर प्रदेश राकेश सचान, उद्योग आयुक्त विजयेंद्र पांडियन एवं अन्य कई अधिकारियों, उद्यमियों और पत्रकारों के समक्ष मंच से एमएसएमई क्षेत्र के विषय में अपनी बात रखते हुए अखिल भारतीय निर्माता संघ (उत्तर प्रदेश) के अध्यक्ष उपेंद्र गोयल ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र के आर्थिक योगदान से आगे जाकर ये समझना होगा कि ये वो क्षेत्र है जो बेरोज़गारी जैसी देश की सबसे बड़ी समस्या का निदान कर सकती है। देश की सभी 6 करोड़ एमएसएमई इकाइयां श्रमिकों की कमी की समस्या से जूझ रही हैं। अगर इस क्षेत्र की महत्ता समझते हुए इस पर विशेष ध्यान दिया जाए तो यह क्षेत्र तुरंत प्रभाव से 25-30 करोड़ रोजगार तुरंत उपलब्ध करा सकता है। इसके लिए पहले ये समझना होगा कि एमएसएमई वृहद इकाइयों से हर तरह से अलग हैं और उनके त्वरित विकास के लिए शासन को एमएसएमईस की तरफ  अपना दृष्टिकोण बदलना होगा और उनके लिए वृहद  उद्योगों से अलग कानून बनाने होंगे।

उपेंद्र गोयल ने एमएसएमई सेक्टर के लिए अलग बैंकिंग रिकवरी कानून, रुग्ण इकाई पुनर्वासन नीति की मांग रखी और यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास में यूपीसीडा सबसे बड़ी बाधा है एवं उद्यमियों की यूपीसीडा से संबंधित समस्याओं के लिए प्रदेश शासन स्तर पर एक समिति का गठन किया जाना चाहिए। ये समिति उद्यमियों से बातचीत करके यूपीसीडा की कार्यप्रणाली में सुधार के विषय में शासन को अपनी अनुशंसा भेजे। कुछ अन्य अधिकारियों के द्वारा अपनी बात रखने के पश्चात एमएसएमई मंत्री उत्तर प्रदेश राकेश सचान द्वारा विस्तार से प्रदेश शासन का पक्ष, किए गए कार्यों और शीघ्र ही आने वाली एमएसएमई क्षेत्र से संबंधित कुछ नवीन नीतियों से उपस्थित उद्यमियों को अवगत कराया।

मुख्य अतिथि केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी के संबोधन और अतिरिक्त आयुक्त उद्योग ऋषि रंजन के धन्यवाद के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ।

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