33वाँ अ.भा. हिंदी साहित्य सम्मेलन में ‘शिखर सम्मान’ सहित 35 विद्वानों को सम्मानित किया गया

गाजियाबाद,(आनन्द धारा न्यूज़)। दिनांक 26 अक्टूबर 2025 रविवार को राष्ट्रभाषा स्वाभिमान और भागीरथ सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 33वें अ.भा. हिंदी साहित्य सम्मेलन में ‘स्वच्छता से पवित्रता’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन हुआ। छात्र-छात्राओं ने निबंध प्रतियोगिता में आलेख वाचन किये, उन्हें प्रमाण-पत्र और पत्रिका-पुस्तकें भेंट किये गये, ‘यू.एस.एम. पत्रिका’ के सम्मेलन विशेषांक और प्रवीण पारखी रचित लघुकथा संग्रह ‘अपना-अपना नजरिया’ का लोकार्पण किया गया।

सम्मेलन के पहले सत्र में सर्वश्री राजकुमार सचान ‘होरी’, डॉ. प्रदीप दीक्षित, श्रीमती मीना जैन और राजभाषा विभाग के उपनिदेशक श्री रघुवीर शर्मा ने विषय पर सारगर्भित विचार प्रस्तुत किये।
सम्मेलन के प्रारंभ में संस्कार वैभव की सदस्याओं ने मीना जैन रचित सरस्वती वंदना और ईभा प्रसाद रचित स्वच्छता गीत प्रस्तुत किया। मुख्य संयोजक उमाशंकर मिश्र ने विषय प्रवर्तन करते हुए महात्मा गांधी के समग्र स्वच्छता के विचार को व्याख्यायित करते हुए कहा कि गांधीजी ने अपने जीवन में जो कहा, वह पहले स्वयं किया। उनका यही आदर्श, उनके जीवन का ध्येय बना जो आज तक सभी की प्रेरणा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि आज स्वच्छता से पवित्रता की समग्रता को आमजन तक पहुंचाने के लिए और युवा पीढ़ी को नैतिक जीवन मूल्यों को अपनाने के लिए ही सम्मेलन के दोनों आयोजनों में 65 छात्र-छात्राओं को निबंध प्रतियोगिता के माध्यम से जोड़ा गया। हमारा यह प्रयास आगे भी जारी रहेगा।

दूसरे सत्र के विशिष्ट आमंत्रितों में प्रो. लल्लन प्रसाद, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग परिषद के निदेशक श्री नारायण कुमार, नागरी लिपि परिषद के महामंत्री डॉ. हरिसिंह पाल, वरिष्ठ पत्रकार, लेखक और उत्कर्ष अकादमी के निदेशक डॉ. प्रदीप दीक्षित सहित अनेक विद्वानों ने स्वच्छता की समग्र विवेचना करते हुए उसे समाज के उत्थान के लिए सर्वथा उपयोगी बताया।
इस वर्ष के विविध सम्मानों में सम्मेलन का शिखर सम्मान श्री हनुमान दत्त स्मृति शिखर सम्मान वयोवृद्ध कवि, लेखक, शिक्षाविद् प्रो. लल्लन प्रसाद जी को, मातुश्री पार्वती देवी स्मृति सम्मान श्रीमती मीना जैन को, श्री कुलदीप को कबीर सम्मान, श्रीमती रेनू ‘अंशुल’ को सुभद्रा कुमारी चौहान स्मृति सम्मान, श्री मनोज फगवाड़वी को डॉ. सत्यदेव शर्मा स्मृति सम्मान, श्रीमती मनीषी सिन्हा को महादेवी वर्मा स्मृति सम्मान, श्रीमती ईभा प्रसाद को साहित्य विदुषी सम्मान और श्री जे.के. गौड़ को साहित्य प्रेरक शिखर सम्मान सहित साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड लि. के वरिष्ठ राजभाषा प्रबंधक श्री दिलीप कुमार सिंह को ‘राजभाषा रत्न सम्मान’ के साथ शीर्ष संस्था का सम्मान भी दिया गया।

इसी श्रंखला में ‘यू.एस.एम. पत्रिका’ के लिए ‘सुनिश्चित भविष्य निधि’ में उदारतापूर्ण योगदान करने वाले 30 मनीषियों को साहित्य प्रेरक अति विशिष्ट सम्मान, साहित्य प्रेरक विशिष्ट सम्मान और साहित्य प्रेरक सम्मान देकर आभार व्यक्त किया गया।

भागीरथ सेवा संस्थान के निदेशक श्री अमिताभ शुक्ल ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी इसी प्रकार के साहित्यिक-सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से युवा पीढ़ी को इसमें सम्मिलित होने का प्रयास करने और सभी आंगुतकों के प्रति अपना संकल्प व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ समारोह सम्पन्न हुआ।



