श्री दुर्गा माता मंदिर में कन्या पूजन के साथ नवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाई गयी

बिहार खुर्द, 1अक्टूबर।
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। अर्थात
“जो देवी सर्वभूतों, सभी जीवों में, सभी प्राणियों में शक्ति रूप से स्थित है, उन देवी को नमस्कार है, उन देवी को नमस्कार है, उन देवी को नमस्कार है।”
नवरात्रि के अष्टमी के दिन कुशीनगर जिला के तमकुहीराज ब्लॉक स्थित बिहार खुर्द बंगला टोला के श्री दुर्गा माता मंदिर के प्रांगण में कन्या पूजन का कार्यक्रम किया गया। इस दौरान बंगला टोला निवासी उपेन्द्र राव अपने परिवार सहित कन्याओ का पूजन किया। शक्ति स्वरूपा 51 कन्याओं को पूजन और भोजन कराकर उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया।
भुखल चौहान ने अपने निजी प्रोजेक्टर के माध्यम से पुरे नवरात्रे में माता रानी के अनेक सीरियल और चलचित्र द्वारा भक्तों को लाभान्वित किया। गांव के भजन गायक कलाकार ब्यास खरवार के भजन मंडली टीम द्वारा प्रतिदिन सायं कालीन भजन-कीर्तन द्वारा पुरा गांव भक्तिमय कर दिया। गांव के सभी भक्तों ने नवरात्रि पर्व को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया।
आईये बताते है कन्या पूजन का क्या है रहस्य-
नवरात्रि के अष्टमी के दिन कन्या पूजन एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान है, जिसमें 2 से 10 वर्ष की आयु की कन्याओं की पूजा की जाती है। इस पूजा में कन्याओं को देवी दुर्गा के विभिन्न रूपों का प्रतीक माना जाता है।
कन्या पूजन का महत्व
कन्या पूजन का महत्व इस प्रकार है:
- देवी का रूप: कन्याओं को देवी दुर्गा के विभिन्न रूपों का प्रतीक माना जाता है, जैसे कि काली, लक्ष्मी, सरस्वती आदि।
- आशीर्वाद: कन्याओं की पूजा करके, भक्त देवी का आशीर्वाद प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।
- सौभाग्य और समृद्धि: कन्या पूजन से घर में सौभाग्य और समृद्धि की वृद्धि होती है।
कन्या पूजन की विधि
कन्या पूजन की विधि इस प्रकार है:
- कन्याओं का चयन: 2 से 10 वर्ष की आयु की कन्याओं का चयन किया जाता है।
- पूजा की तैयारी: कन्याओं को बैठने के लिए आसन और पूजा की सामग्री तैयार की जाती है।
- पूजा: कन्याओं के पैर धोकर, उन्हें आसन पर बिठाकर, उनकी पूजा की जाती है।
- भोजन: कन्याओं को भोजन कराया जाता है, जिसमें विशेष रूप से तैयार किए गए व्यंजन शामिल होते हैं।
- दक्षिणा और भेंट: कन्याओं को दक्षिणा और भेंट दी जाती है, जैसे कि कपड़े, खिलौने आदि।
कन्या पूजन एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान है, जो नवरात्रि के दौरान किया जाता है। यह पूजा देवी की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करने का एक तरीका है।
इस दौरान धुरन्धर टाइम्स के प्रधान संपादक धुरन्धर चौहान, बीडीसी प्रिंस खरवार, विकास राव, रोहित चौहान, बुनेला चौहान, आश्रम चौहान, लक्ष्मण चौहान, सोहन खरवार, सत्येंद्र चौहान, मुकेश चौहान, मुनीब चौहान, कमलेश पाल, राधा कृष्ण पाल, जय किशुन चौहान, विकेश पाल, कन्हैया चौहान, रामु राव, बसंत चौहान, राम आशीष, लोरीक चौहान, हैप्पी सिंह सहित गांव के सभी भक्त इस पूजन कार्यक्रम में सम्मिलित रहें। अष्टमी के दिन सायं कालीन कीर्तन भजन के दौरान सभी गांव के भक्तों ने मिलकर माता रानी के दरबार में नाच गाकर माता रानी से गांव में सुख शांति हेतु मंगलकामना किया।









