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कवयित्री डॉ. तारा गुप्ता के ग़ज़ल संग्रह ‘मुझमें भी रहता इकतारा’ का लोकार्पण

ग़ाज़ियाबाद (कुलदीप)। नेहरू नगर स्थित गांधर्व संगीत महाविद्यालय ऑडिटोरियम में सुप्रसिद्ध कवयित्री एवं निदेशक डॉ. तारा गुप्ता के नवीनतम ग़ज़ल संग्रह ‘मुझमें भी रहता इकतारा’ का लोकार्पण भव्य समारोह में किया गया। देश के सुविख्यात साहित्यकारों की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में साहित्य और संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिला।

मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ अग्निहोत्री ने कहा कि “अपने भीतर के इकतारे की आवाज़ सुनें, उसकी करुणा को समझें और जनहित में काव्य रचना करें।” उन्होंने तारा गुप्ता की ग़ज़लों को करुणा का स्वर बताते हुए संग्रह की सराहना की। समारोह की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध ग़ज़लकार कमलेश भट्ट ‘कमल’ ने की। उन्होंने कहा कि तारा जी की ग़ज़लें समाज को नई दिशा देने वाली हैं।

संगीतकार राजेश सिंह नेगी ने तारा गुप्ता के दोहे गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर मशहूर शायर दीक्षित दनकौरी, संदीप गर्ग, डॉ. शेखर गुप्ता और रश्मि मित्तल सहित कई साहित्यकारों ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन सुप्रसिद्ध कवि डॉ. चेतन आनंद और अनिमेष शर्मा ने किया।

समारोह की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और विद्यार्थियों द्वारा सरस्वती वंदना से हुई। महाविद्यालय के संरक्षक सुभाष गर्ग ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। मंचासीन अतिथियों का सम्मान पारिवारिक सदस्यों द्वारा शॉल और स्मृति चिह्न भेंट कर किया गया।

दूसरे सत्र में असलम राशिद, डॉ. चेतन आनंद, अनिमेष शर्मा और विवेक वशिष्ठ ने काव्य पाठ कर समाँ बाँध दिया। इस मौके पर तरुण गोयल, डॉ. शिखा गोयल, शोभा सचान, आलोक यात्री, संगीता अहलावत, वागीश शर्मा, संजीव शर्मा, सुरेन्द्र शर्मा, डॉ. श्वेता त्यागी, गार्गी कौशिक, राजीव सिंघल, उत्कर्ष गर्ग सहित अनेक साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।

यह आयोजन न केवल ग़ज़ल प्रेमियों के लिए यादगार रहा बल्कि साहित्य और संगीत की संवेदनशील धारा को भी नई ऊर्जा प्रदान कर गया।

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