
गाजियाबाद/साहिबाबाद,(आनन्द धारा न्यूज़)। विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर सदगुरुदेव श्री सतपाल जी महाराज जी की प्रेरणा से मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान में दिनांक 21 दिसंबर 2025 (रविवार) को श्री प्रेमपुरी आश्रम के प्रांगण में विशेष सत्संग कार्यक्रम एवं ध्यान साधना शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह आध्यात्मिक आयोजन साधकों के लिए आत्मिक शांति, मानसिक संतुलन एवं सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र बना। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रेमी सज्जनों, शाखा कार्यकर्ताओं, मानव सेवा दल के सदस्यों तथा यूथ विंग के युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। आयोजन का शुभारंभ दोपहर 2 बजे सत्संग से हुआ, जिसमें महात्मा श्री विनायकानंद जी एवं महात्मा ज्ञान शब्दानंद जी ने अपने प्रेरणादायक प्रवचनों के माध्यम से ध्यान के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

महात्मा जी ने कहा कि ध्यान केवल एक साधना या अभ्यास नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने की कला है। नियमित ध्यान से व्यक्ति अपने मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित कर सकता है। उन्होंने बताया कि आज के तनावपूर्ण और भागदौड़ भरे जीवन में ध्यान व्यक्ति को आंतरिक शांति, धैर्य और आत्म-नियंत्रण प्रदान करता है।
ध्यान साधना शिविर के दौरान साधकों को ध्यान की विभिन्न क्रियाएं कराई गईं। महात्मा जी ने सरल और व्यावहारिक तरीकों से समझाया कि नियमित ध्यान करने से तनाव, नकारात्मक विचारों और मानसिक अशांति से मुक्ति संभव है तथा जीवन में सकारात्मक सोच का विकास होता है।

ध्यान सत्र के उपरांत सायं 4:30 बजे से 5 बजे तक एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें शाखा कार्यकर्ताओं, मानव सेवा दल, यूथ एवं प्रेमी सज्जनों ने भाग लिया। बैठक में आगामी कार्यक्रमों, सेवा कार्यों और संगठनात्मक गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित साधकों ने इस आयोजन को अत्यंत लाभकारी एवं प्रेरणादायक बताते हुए भविष्य में भी ऐसे आध्यात्मिक कार्यक्रमों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।



