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बांगलादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार, अखंड भारत की सीमा संकुचन विचारनीय- अश्वनी शर्मा

गाज़ियाबाद। कविनगर स्थित रामलीला मैदान में समस्त हिंदू समाज द्वारा बांगलादेश में हिंदुओं पर हो रहे निरंतर अत्याचारों के खिलाफ एक विशाल जन आक्रोश रैली का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक रैली में देशभर के प्रमुख हिंदू संगठनों ने समर्पण और एकजुटता के साथ व्यापक सहयोग प्रदान किया, जिसके परिणामस्वरूप रैली में हजारों प्रदर्शनकारी लोगों की उपस्थिति रही। रैली में प्रमुख हिंदू धर्मगुरुओं, समाजसेवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी अपना समर्थन व्यक्त किया और इसमें भाग लिया।

अखंड भारत मिशन के संस्थापक अश्वनी शर्मा और मिशन के लगभग 300 कार्यकर्ताओं ने रैली में शामिल होकर बांगलादेश में हिंदू समाज पर हो रहे क्रूर अत्याचारों के खिलाफ अपनी आवाज उठाई। रैली के बाद पत्रकार वार्ता में अश्वनी शर्मा ने कहा, “यह समय हमारी एकता और शक्ति को प्रदर्शित करने का है। हमें बांगलादेशी हिंदुओं को भारत में शरण देने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मजबूत कदम उठाने होंगे। इसके साथ ही हमें यह भी ध्यान देना चाहिए कि हिंदू भूमि का निरंतर संकुचन रुकना चाहिए।”

अश्वनी शर्मा ने आगे कहा कि बांगलादेश में हिंदू समुदाय की सुरक्षा के लिए हमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आवाज उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “हमें यह समझना होगा कि जब तक हम अपने अधिकारों के लिए एकजुट नहीं होंगे, तब तक हमें शांति और सुरक्षा प्राप्त नहीं हो सकती। यह समय है जब हिंदू समाज हर परिस्थिति में अपने अधिकारों और सुरक्षा के लिए एकजुट हो।”

यह जन आक्रोश रैली बांगलादेश में हो रहे अत्याचारों के खिलाफ विरोध का एक मजबूत और निर्णायक प्रतीक बनकर उभरी। इसने न केवल समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य किया, बल्कि एकजुट संघर्ष की आवश्यकता को भी प्रमुखता से रेखांकित किया। इस आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि जब हिंदू समाज एकजुट होता है, तो उसकी आवाज को अनदेखा नहीं किया जा सकता।

अखंड भारत मिशन के प्रमुख पदाधिकारियों प्रदीप गर्ग, नीलम शर्मा, रितु गुप्ता, शुभम गर्ग, संजय तरिका, संदीप शर्मा, राजेश शर्मा, मुकेश गौर, निखिल त्यागी, प्राची मिश्रा, एम.पी. शर्मा, आनंद द्विवेदी, दीपा सिरोही, आईपी गुप्ता और उनकी संबंधित टीम ने इस आयोजन में सक्रिय रूप से भाग लिया और इसे सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके सामूहिक प्रयासों ने इस रैली को सफल और प्रभावशाली बनाया, जिससे समाज में यह मजबूत संदेश गया कि हिंदू समाज हर हालत में अपने अधिकारों और सुरक्षा के लिए एकजुट रहेगा।

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