
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण जी ने रविवार को देश का बजट लगातार 9वी बार पेश किया। बजट की मुख्य बात यह रही कि नया आयकर अधिनियम 2025 एक अप्रैल, 2026 से लागू हो जायेगा। यह अधिनियम आयकर अधिनियम 1961 की जगह लेगा। आयकरदाताओं को इस बार बजट से मायूसी ही हाथ लगी। आयकर के टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यहाँ यह बात बड़ी दिलचस्प है कि लोग समँझ रहे हैं कि इस बार 12 लाख तक कोई टैक्स नहीं है तो मैं उनको बता दूँ कि 12 लाख पर लगभग 60000 हज़ार का टैक्स लगेगा। जिसका धारा 87ए के तहत करलाभ लिया जा सकता है यदि आय 12 लाख से अधिक है तो रुपये 4 लाख (करमुक्त) के बाद सारी इनकम पर आयकर देना होगा। वेतन व पेंशन प्राप्तकर्ताओं को स्टैंडर्ड डिडक्शन 75000 अलग से मिलेगी।
आयकर के नए फार्म तैयार किये जायेंगे। जो बहुत सरल होंगे।
इस बार रिटर्न फ़ाइल करने की तिथियों में बदलाव किया गया है। जिसकी लम्बे समय से माँग थी। अब 31 जुलाई वेतन व अन्य स्रोत से आय, वाले अब 31 जुलाई तक रिटर्न दाखिल करेंगे, व्यवसाय से प्राप्त आय वाले लोग 31 अगस्त तक रिटर्न दाखिल करेंगे। यह वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए होगा। टैक्स में गड़बड़ी पर अब सजा का प्रावधान ख़त्म कर जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसके लिए 30 प्रतिशत टैक्स का प्रावधान किया गया है। अर्थात टैक्स चोरी या गड़बड़ी के लिए 30 प्रतिशत टैक्स चुकाया जा सकता है। कैपिटल गेन में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। लेकिन सेक्युरिटी ट्रांसक्शन टैक्स को बढ़ा दिया गया है।
बुज़ुर्गों को प्राप्त ब्याज पर अब टीडीएस 50,000 के बजाय 1 लाख पर कटेगा। वहीं विदेश में शिक्षा, मेडिकल व टूर पर अब टीसीएस 2 प्रतिशत कटेगा।
अब सेक्शन 94क्यू को भी हटा लिया गया है।
आम आदमी को मोटर दुर्घटना दावा अधिनियम द्वारा अधिनिर्णीत ब्याज को आयकर मुक्त किया जायेगा। व इससे प्राप्त आय टीडीएस से मुक्त होगी।
अब यदि एनआरआई से कोई प्रॉपर्टी खरीदी जायेगी तो अब टीडीएस पैन बेस कटेगा न कि टेन बेस। जो लोग अपनी विदेशी संपत्ति देने से चूक गये हैं उनके लिए नई स्कीम लायी गई हैं जिसमे सज़ा का प्रावधान खत्म किया गया है। लेकिन टैक्स व पेनल्टी वसूली जायेगी।



