नूपुर कत्थक केंद्र की रंगारंग शास्त्रीय प्रस्तुति ने मोहा दर्शकों का मन

गाजियाबाद। ‘नूपुर कथक केंद्र’ द्वारा भारतीय शास्त्रीय नृत्य कला पर आधारित कार्यक्रम “ऋतु रंग” की रंगारंग प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में भारतीय ऋतु परंपरा की छह ऋतुओं की भावात्मक और सौंदर्यात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत की गई। अपने सशक्त अभिनय, लयात्मक जटिलता और सुसंयोजित नृत्य विन्यास के माध्यम से सभी कलाकारों ने शास्त्रीय साहित्य और नाट्यशास्त्र की परंपरा को जीवंत कर दिया। मूलतः कथक परंपरा में रचा-बसा यह कार्यक्रम भरतनाट्यम और ओडिसी शैलियों के तत्वों से भी समृद्ध रहा।

कार्यक्रम की परिकल्पना एवं निर्देशन नूपुर कथक केंद्र की प्रमुख आभा बंसल द्वारा किया गया। कार्यक्रम में ‘रश्मि रथी’ कला वृंद की मनीषा हांडा तथा ‘देवध्वनि’ की अनिंदिता बसु ने भी उल्लेखनीय योगदान प्रदान किया। इन तीनों की संयुक्त रचनात्मक दृष्टि और सुव्यवस्थित संरचना ने संपूर्ण प्रस्तुति को एक सशक्त और सुसंगठित स्वरूप प्रदान किया। प्रस्तुति में संकल्प श्रीवास्तव ने संगीत में और जितेंद्र ने प्रकाश संयोजन में सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं कला संरक्षक ललित जायसवाल ने कहा कि नूपुर कत्थक केंद्र दशकों से विद्यार्थियों को शास्त्रीय नृत्य में पारंगत करता आ रहा है। कला के श्रेत्र में इस केंद्र के योगदान को विस्मृत नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि कला जगत हमेशा आभा बंसल, उनके सहयोगियों और उनकी टीम का सदैव ऋणी रहेगा। कवि नगर स्थित जानकी सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में पं. हरिदत्त शर्मा, डॉ. आर. पी. सिंघल, डॉ. तारा गुप्ता, डॉ. राकेश बंसल, आलोक यात्री, उत्तम स्कूल फॉर गर्ल्स की प्राचार्या शर्मिला रहेजा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।





