
गाजियाबाद। सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल में मनाया गया चालीसवाँ स्थापना दिवस, एवं कक्षा 8 के विद्यार्थियों के लिए भव्य विदाई समारोह का आयोजन।
सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल में चालीसवाँ स्थापना दिवस बड़े श्रद्धा, उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ फाउंडर एंड डायरेक्टर मैम के द्वारा हवन से किया गया, जिसमें विद्यालय की उन्नति, विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य तथा शांति व समृद्धि की कामना की गई। इसके पश्चात कक्षा 7 के विद्यार्थियों द्वारा कक्षा 8 के विद्यार्थियों के सम्मान में एक प्रभावशाली एवं भावनात्मक विदाई समारोह का आयोजन किया गया।
समारोह के दौरान कक्षा 7 के विद्यार्थियों ने कक्षा 8 के विद्यार्थियों को उनकी विशेषताओं एवं गुणों के अनुसार आकर्षक टाइटल प्रदान किए। इसके साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन और विशिष्ट गुणों के लिए तीन विद्यार्थियों को विशेष सम्मान भी प्रदान किए गए। यह सम्मान नमन, मान्या बजाज तथा माही बंसल को दिया गया।
यह आयोजन रंगारंग कार्यक्रमों से भरपूर रहा, जिसमें आधुनिक और भारतीय संस्कृति का सुंदर समन्वय देखने को मिला। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. मंगला वैद मैम रहीं। कार्यक्रम
में प्रधान अध्यापिकाएँ सोनिया सेहरा, एकता कोहली,मीना उत्तम सहित भूतपूर्व प्रधानाध्यापिका श्रीमती रेनु चोपड़ा तथाअध्यापिकाएं रोजी नागपाल ,शीतल मित्तल सहित सभी कार्यरत अध्यापिकाओं की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह की शोभा बढ़ाई। कक्षा 8 के विद्यार्थियों के द्वारा प्रत्येक अध्यापिका के लिए विशेष रूप से मुकुट क्राउन तैयार किए, जिन्हें पहनाकर उन्होंने अपने शिक्षकों के प्रति आदर, कृतज्ञता और सम्मान भाव प्रकट किया। यह क्षण अत्यंत भावुक और स्मरणीय रहा।
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब विद्यार्थी भावयुक्त संगीत के दौरान अपनी प्रिय अध्यापिकाओं से विदा लेते हुए भावुक हो गए। बच्चों की भावनाओं को देखकर शिक्षकगण भी भाव-विभोर हो उठीं। संपूर्ण आयोजन विद्यालय की संस्कार युक्त शिक्षा परंपरा और शिक्षक-विद्यार्थी के आत्मीय संबंधों का सुंदर उदाहरण रहा।
कार्यक्रम के समापन के समय मुख्य अतिथि डॉ. मंगला वैद मैम द्वारा विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरणादायक एवं मार्गदर्शक विचार प्रस्तुत किए गए, जिनसे बच्चों में आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का संचार हुआ। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की संस्थापिका तथा निर्देशिका डॉ. माला कपूर मैम ने अपनी सुंदर एवं प्रेरणादायक कविता के माध्यम से विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ने का संदेश दिया, जिसे सभी ने सराहना के साथ आत्मसात किया। मैम ने यह भी साझा किया कि विद्यालय के चालीस वर्षों का यह सफर समर्पण, अनुशासन और निरंतर उन्नति की मिसाल रहा है। इन वर्षों में विद्यालय ने न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता प्राप्त की, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, संस्कार और मूल्यों को भी अपनी शिक्षा की आधारशिला बनाया।विद्यालय के गत 39 वर्षों का यह सफर निरंतर उन्नति तथा उपलब्धियों से परिपूर्ण रहा जो निश्चय ही प्रशंसा के योग्य है।




