19 मार्च से आरंभ हो रहे हैं वासन्तिक नवरात्रि पालकी में बैठकर आएंगे मां दुर्गा

जानिए नवरात्री की तिथियों का विवरण
इस वर्ष 19 मार्च से भारतीय नव संवत्सर 2083 आरंभ हो रहा है, इसी दिन चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से वासन्तिक नवरात्र भी आरंभ होंगें।
बृहस्पतिवार को नवरात्र आरंभ होने के कारण मां भगवती पालकी पर बैठकर आएंगी। मां भगवती का पालकी पर बैठकर आने से तात्पर्य यह है कि विश्व में अशांति का दौर हिंसा और महामारी के योग बनते हैं।
नवरात्रियों का विवरण इस प्रकार है:
(चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से चैत्र शुक्ल नवमी तक)
1.प्रथम नवरात्र 19मार्च, मां शैलपुत्री पूजा।
2.द्वितीय नवरात्र 20 मार्च, मां ब्रह्मचारिणी पूजा।
3.तृतीय नवरात्र 21 मार्च, मां चंद्रघंटा पूजा।
4.चतुर्थ नवरात्रि 22 मार्च, मां कुष्मांडा पूजा।
5.पंचम नवरात्रि 23 मार्च , मां स्कंद माता पूजा
6.षष्ठ नवरात्र 24 मार्च , मां कात्यायनी पूजा।
7.दुर्गा सप्तमी 25 मार्च, मां कालरात्रि पूजा।
8.दुर्गा अष्टमी, 26 मार्च ,मां महागौरी पूजा व रामनवमी पर्व।
9.महानवमी, 27 मार्च मां सिद्धिदात्री पूजा .
इस वर्ष रामनवमी का पर्व 26 मार्च को मनाया जाएगा ।
क्योंकि रामनवमी मध्यान्ह व्यापिनी होती है। 26 मार्च को 11:48 बजे तक दुर्गा अष्टमी है। इसीलिए 26 मार्च को प्रातः काल दुर्गा अष्टमी मनाई जाएगी ।उसके बाद रामनवमी महोत्सव मनाया जाएगा। 27 मार्च को मध्याह्न काल में नवमी तिथि का अभाव है। 27 मार्च को नवमी तिथि 10 : 6:00 बजे समाप्त हो जाएगी। महानवमी और नवरात्रि समापन 27 मार्च को होगा।
पंडित शिवकुमार शर्मा, ज्योतिषाचार्य एवं वास्तु कंसलटेंट।



