
गाजियाबाद,(आनन्द धारा)। वेव सिटी क्षेत्र के ‘भारतीय किसान संगठन एकता’ के किसानों ने अपनी जमीन पर जबरन कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की है। किसानों का कहना है कि जिन जमीनों का अभी तक अधिग्रहण नहीं हुआ है, उन पर भी प्रशासन और विकासकर्ता द्वारा दबाव बनाया जा रहा है, जिससे किसान परेशान हैं।
किसानों के अनुसार ग्राम बयाना, परगना डासना, तहसील व जिला गाजियाबाद स्थित खसरा संख्या-351 की भूमि पर अभी अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। किसान अपनी जमीन पर टीनशेड और अस्थायी खोखे रखकर वर्षों से परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं और किसी प्रकार का पक्का निर्माण नहीं किया गया है। इस संबंध में धारा 11(1) की अधिसूचना दिनांक 07 मार्च 2025 तथा धारा-12 की संयुक्त सर्वे रिपोर्ट 25 जुलाई 2025 को प्रकाशित हो चुकी है, जिसमें भूमि की वर्तमान स्थिति दर्ज है। किसानों द्वारा धारा-15 के अंतर्गत आपत्तियां भी एडीएम भू-अर्जन को दी जा चुकी हैं और मामला न्यायालय में विचाराधीन बताया गया है।
प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि 06 मार्च 2026 को मैसर्स उप्पल चड्ढा हाईटेक सिटी प्रा. लि. के कुछ कर्मचारी भूमि पर पहुंचे और निर्माण तोड़ने की चेतावनी दी। किसानों का कहना है कि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने तक उनका कब्जा यथावत रहना चाहिए। किसानों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि जब तक अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी प्रकार की तोड़फोड़ या जबरन कार्रवाई न की जाए। साथ ही यदि भूमि की तत्काल आवश्यकता हो तो किसानों को भूमि के बदले भूमि दी जाए।

किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो भारतीय किसान संगठन एकता के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस मौके पर जिला अध्यक्ष किसान प्रमोद चौधरी, ओमपाल यादव, मोहित यादव, हरेंद्र यादव, सोनू सेन, सत्य प्रकाश, दीपक व दिनेश आदि लोग मौजूद थे।



