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रोहिंग्या मुसलमान देश के लिए खतरा, जल्द से जल्द हो प्रत्यर्पण- कर्नल टीपी त्यागी

गाजियाबाद। रविवार को राजनगर एक्सटेंशन के स्टार हेरीटेज फॉर्म में अखिल भारतीय त्यागी ब्राह्मण सभा की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में मनोज त्यागी को जिलाध्यक्ष और पुनीत त्यागी को महानगर अध्यक्ष चुना गया। बैठक में देश में घुसपैठियों की तरह देश में रह रहे रोहिंग्याओं के बच्चों के स्कूलों में एडमिशन को लेकर हाल ही में दिये गए फैसले को लेकर नाराजगी जताई गई। त्यागी समाज के लोगों ने कहा कि देश की सुरक्षा के मामलों में सुप्रीम कोर्ट को दखलंदाजी नहीं करनी चाहिए। रविवार को आयोजित बैठक में उपस्थित पूर्व सभासद राजेन्द्र त्यागी ने कहा कि हम भगवान परशुराम के वशंज हैं, हमारा काम सरकारों और नागरिकों का मार्गदर्शन करना है। देश की वर्तमान स्थिति को देखते हुए हम अदालतों के कुछ फैसलों से पूरी तरह असंतुष्ट हैं। बैठक में मौजूद अखिल भारतीय त्यागी ब्रहामण सभा के संरक्षक वीर चक्र प्राप्त कर्नल तेजेन्द्र पाल त्यागी ने कहा कि देश की सुरक्षा के मामलों में अदालतें मानवता का पाठ न पढ़ायें। सर्वोच्च अदालत ने घुसपैठ कर देश में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्याओं के बच्चों को पब्लिक स्कूलों में दाखिला देने की बात कही है। मांग तो यहाँ तक की गई है कि इन रोहिंग्याओं और उनके बच्चों को मुफ्त चिकित्सा और मुफ्त राशन दिया जाना चाहिए। इनके पास आधार कार्ड नहीं हैं लेकिन कुछ के पास यूएनएचसीआर ( यूनाइटेड नेशन हाई कमीशन रिफ्यूजी) का कार्ड है। कर्नल त्यागी ने बताया कि ये कार्ड 1950 में दूसरे महायुद्ध में विस्थापित यूरोपियन लोगो के लिए बनाए गए थे रोहिंग्याओं  के लिए नहीं। कर्नल त्यागी ने कड़े शब्दों में इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि रोहिंग्या मुसलमान देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं और अदालतों को ऐसे मामले मे हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन संसाधनों पर हमारे देश की जनता का हक है वो इन्हें देने की वकालत यदि स्वयं सुप्रीम कोर्ट करे तो इससे भयावह परिदृश्य देश के लिए क्या हो सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की तर्ज पर ही इन रोहिंग्याओं को देश से बाहर खदेड़ देना चाहिए।

इस बैठक में बाबा विद्यानंद, मास्टर ब्रह्मदत्त त्यागी, मंगू त्यागी, सुनील त्यागी, विजेंद्र त्यागी, एस पी त्यागी, आसाराम त्यागी व सुनील त्यागी आदि सहित समाज के दर्जनों वरिष्ठ लोग मौजूद रहे।

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