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औद्योगिक भूमि को फ्री होल्ड करने की माँग तेज़, उद्योगपतियों ने सरकार से की पुरज़ोर अपील

गाजियाबाद 28 मई। उत्तर प्रदेश में उद्योग जगत की आवाज़ एक बार फिर बुलंद हुई है। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) और प्रदेश के अन्य औद्योगिक संगठनों (A-20) ने संयुक्त रूप से प्रदेश सरकार से माँग की है कि लीज होल्ड औद्योगिक भूमि को फ्री होल्ड किया जाए, जिससे न केवल औद्योगिक विकास को बल मिलेगा, बल्कि सरकार को भी अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होगी।

उद्योगपतियों की प्रमुख माँगें और तर्क:

फ्री होल्ड नीति से उद्योगों को मिलेगी रफ्तार:
वर्तमान में उद्यमियों को लीज होल्ड भूमि पर छोटे-छोटे निर्णयों के लिए यूपीसीडा या उद्योग निदेशालय से अनुमति लेनी पड़ती है, जिससे समय और संसाधनों की हानि होती है।

एमएसएमई के लिए नहीं है वर्तमान नीति:
वर्ष 2016 की नीति केवल एक हेक्टेयर या उससे बड़े भूखंडों के लिए है, जिससे सूक्ष्म और लघु उद्यम इस लाभ से वंचित रह जाते हैं।

देश के अन्य राज्यों में पहले से है फ्री होल्ड नीति:
हरियाणा, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्यों में पहले ही लीज होल्ड भूमि को फ्री होल्ड में बदला जा चुका है।

ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस और मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बढ़ावा:
औद्योगिक भूमि के फ्री होल्ड होने से निवेश बढ़ेगा, रोजगार के अवसर सृजित होंगे और राज्य की जीडीपी में वृद्धि होगी। यह राज्य को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

ब्रिटिशकालीन व्यवस्था से मुक्ति की आवश्यकता:
लीज होल्ड कानून औपनिवेशिक युग की मानसिकता का प्रतीक है। अमृत काल में प्रवेश कर चुके भारत में अब इस प्रणाली में बदलाव जरूरी है।

प्रेस वार्ता में मौजूद रहे प्रमुख उद्योगपति:

प्रेस वार्ता के अवसर पर इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज सिंघल, सीईसी सदस्य मनोज कुमार, चैप्टर चेयरमैन संजय अग्रवाल, सचिव हर्ष अग्रवाल, कोषाध्यक्ष संजय गर्ग सहित अनेक प्रमुख पदाधिकारी – प्रदीप गुप्ता, अमित नागलिया, यश जुनेजा, साकेत अग्रवाल उपस्थित रहे। इनके साथ गाजियाबाद इंडस्ट्रीज फेडरेशन के अध्यक्ष अरुण शर्मा, एआईएमए के अध्यक्ष सुशील अरोड़ा, एआईएमएमए के अध्यक्ष ब्रिजेश अग्रवाल तथा एएससीएमए के अध्यक्ष सत्यभूषण गुप्ता भी मंच पर उपस्थित थे।

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