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एम.एम.एच.कॉलेज में विश्व ओजोन परत संरक्षण दिवस का आयोजन

गाजियाबाद,(आनन्द धारा न्यूज़)। मॉडल टाउन स्थित एम.एम. एच.कॉलेज, गाजियाबाद में विश्व ओज़ोन दिवस का भव्य आयोजन जन्तु विज्ञान विभाग  द्वारा किया गया। यह दिन संपूर्ण विश्व में “ओज़ोन परत” की सुरक्षा के लिए जागरूकता फैलाने हेतु मनाया जाता है। इस अवसर पर कॉलेज परिवार ने कई रचनात्मक एवं शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित किए,जिनमें पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता, स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिता तथा पुरस्कार वितरण समारोह आदि कार्यक्रम किए गए। कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर संजय कुमार सिंह, विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रोफेसर प्रकाश चौधरी, चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर आर.एस.यादव तथा अन्य अध्यापकों की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। विभागाध्यक्ष प्रोफेसर गागीॅ ने कार्यक्रम की शुरुआत ओजोन परत की महत्त्वता बताते हुए की। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न अध्यापकों ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए जिसमें डाॅ राजपाल त्यागी ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें प्रदूषण कम करने के लिए ग्रीन हाउस गैस का उपयोग घटाना चाहिए।वृक्षारोपण करना और हरित क्षेत्र बढ़ाना समय की मांग है। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर आर.एस.यादव ने अपने भाषण में कहा कि ओज़ोन परत पृथ्वी के जीव-जंतुओं और पौधों के लिए एक सुरक्षा कवच है,जो हमें सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों से बचाती है। इस परत के संरक्षण हेतु प्रत्येक नागरिक को जागरूक होना आवश्यक है। डीन आफ कालेज प्रोफेसर प्रकाश चौधरी ने ओजोन परत क्षरण की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बच्चो की भागीदारी का आह्वान किया। प्राचार्य महोदय प्रोफेसर संजय सिंह ने अपने उद्घाटन भाषण में मानव को ही इसका जिम्मेदार बताया और कहा कि इसका समाधान भी मानव के पास है। विश्व ओज़ोन दिवस के अवसर पर आयोजित पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में अनेक विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने रंगों, आकृतियों और चित्रों के माध्यम से यह संदेश दिया कि ओज़ोन परत का संरक्षण ही जीवन की रक्षा है।

कुछ पोस्टरों में धरती को “हरी-भरी माँ” के रूप में दर्शाया गया। कुछ विद्यार्थियों ने ओज़ोन परत को छाते (Umbrella) के रूप में चित्रित किया, जो पृथ्वी को ढककर बचा रही थी।
वहीं कई प्रतिभागियों ने ग्लोबल वार्मिंग, प्रदूषण और औद्योगिकीकरण के दुष्प्रभावों को दर्शाते हुए जागरूकता का आह्वान किया।
निर्णायक मंडल में  प्रोफेसर आभा दुबे, प्रोफेसर अलका व्यास एवं डाॅ विनिता धीरन ने पोस्टरों की रचनात्मकता, संदेश की स्पष्टता और प्रस्तुति के आधार पर मूल्यांकन किया।
पोस्टर पेंटिंग प्रतियोगिता के साथ साथ स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने कम शब्दों में प्रभावशाली संदेश देने की कला का प्रदर्शन किया।
कुछ प्रमुख नारों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया, जैसे –
“ओज़ोन है जीवन का कवच, इसे बचाना हम सबका कर्तव्य।”
“धरती को हरा-भरा बनाओ, ओज़ोन परत को बचाओ।”
“साफ-सुथरा पर्यावरण, सुरक्षित ओज़ोन परत।”
“ओज़ोन की रक्षा करो, आने वाली पीढ़ी को जीवन दो।”
प्रतिभागियों के स्लोगन इतने सशक्त और प्रेरणादायक थे कि उपस्थित दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया।
प्रतियोगिताओं के उपरांत पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। विजेताओं को प्रमाण पत्र और प्रेरक पुस्तकें भेंट की गईं।
पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान कचंन (B.Sc. III Sem) द्वितीय स्थान वर्तिका चौहान (B.Sc V Sem)और तृतीय स्थान शैलजा कान्डले (B.Sc V Sem) तथा चार विधाथियों को सांत्वना पुरस्कार भी दिया गया।
स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान कशिश शर्मा  द्वितीय स्थान सूर्य प्रकाश(B.Sc V Sem) और तृतीय स्थान किर्ति वर्मा (M.Sc.III Sem) को दिया गया।
पुरस्कार वितरण करते हुए मुख्य अतिथि प्रोफेसर संजय सिंह जी ने कहा प्रतियोगिताएँ केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी को समझने का अवसर भी हैं। आज के इन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने यह सिद्ध कर दिया है कि युवा पीढ़ी पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति सचेत है।सौर ऊर्जा एवं अन्य अक्षय ऊर्जा स्रोतों का प्रयोग बढ़ाकर हम ओज़ोन परत पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को कम कर सकते हैं। विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम के अनुभव साझा किए और कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएँ उन्हें न केवल रचनात्मक बनाती हैं, बल्कि समाज और प्रकृति के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा भी देती हैं।विश्व ओज़ोन दिवस का आयोजन केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि पृथ्वी और मानव जीवन की रक्षा हेतु सामूहिक संकल्प का प्रतीक है। इस दिन के माध्यम से छात्रों को यह सिखाया गया कि ओज़ोन परत हमें हानिकारक पराबैंगनी किरणों से बचाती है।यदि यह परत नष्ट हो गई तो त्वचा रोग, आंखों की बीमारियाँ और फसलों की क्षति जैसी समस्याएँ उत्पन्न होंगी। हमें सतत विकास (Sustainable Development) को अपनाना होगा, ताकि आर्थिक प्रगति और पर्यावरण संरक्षण दोनों साथ-साथ चल सकें।

कार्यक्रम का संचालन M.Sc की छात्राओं किर्ति और वर्षा ने कियाऔर समापन सोनिया के धन्यवाद  ज्ञापन साथ हुआ। आयोजक समिति ने सभी प्रतिभागियों, अध्यापकों और मुख्य अतिथि का आभार व्यक्त किया। अंत में सभी ने सामूहिक रूप से यह शपथ ली कि हम अपने दैनिक जीवन में ऐसे कार्य करेंगे, जिससे ओज़ोन परत की रक्षा हो और धरती को हरा-भरा बनाए रखा जा सके।

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