आध्यात्मिक गुरु व प्रसिद्ध समाजसेवी श्री सतपाल महाराज जी के शिष्यों ने निकाली सद्भावना यात्रा I

नई दिल्ली I पश्चिमी दिल्ली के निहाल विहार में सद्भावना यात्रा व सत्संग कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया I मानव धर्म के प्रणेता श्री सतपाल जी महाराज की प्रेरणा से मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वाधान मे दिनांक 5 अक्टूबर 2025 को जिला पश्चिमी दिल्ली की शाखा निहाल विहार द्वारा जिला स्तरीय सद्भावना सम्मेलन आयोजित किया गया। सुबह ठीक 8.45 बजे प्रभात फेरी निहाल विहार नाला पुल , 910 बस स्टैंड से शुरू हुई जिसमें जिले की सभी शाखाओं के प्रेमी भक्तों ने भाग लिया। प्रेमी भक्त नारे लगाते हुए चल रहे थे, श्री सतपाल जी महाराज का एक ही नारा। जागे भारत देश हमारा। भारत को जगाएंगे, आत्म ज्ञान फैलाएंगे I भारत विश्वगुरु बने, भारत माता की जय I कार्यक्रम में 200 के लगभग महिलाएं व पुरुष प्रेमीभक्त लोग हंसादेश व मानव धर्म संदेश, संस्था मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा प्रकाशित पुस्तकें कॉलोनी में बांटते हुए चल रहे थे व कॉलोनी वासियों को सद्भावना सत्संग सम्मेलन में 10 बजे शामिल होने के लिए अनुरोध कर रहे थे। आगे आगे ढोल बज रहे थे, उसके बाद सद्भावना सम्मेलन के बैनर के साथ कई राज्यों से राम नाम का प्रचार करते हुए पहुंचे संत प्रेमपरागानन्द जी व साध्वी रत्नावली बाई जी, साध्वी बंदना बाई जी चल रहे थे। 10 बजे के करीब विशाल प्रभात फेरी रैली का रूप धारण कर चुकी थी और चलते हुए सत्संग स्थल हिमांशी वाटिका, शिव पुरी, 50 फुट रोड पर आ चुकी थी। गुरु वंदना के साथ सत्संग कार्यक्रम शुरू हुआ । भजन मंडली द्वारा भजन प्रस्तुत किए गए। साध्वी वंदना बाई जी द्वारा गुरु महिमा पर सत्संग सुनाया गया और बताया कि सच्चे सदगुरू ही आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचार प्रसार करते हैं और भक्तों को आत्म ज्ञान का बोध कराते हैं। उसके बाद साध्वी रत्नावली बाई जी द्वारा सत्संग वर्षा हुई। बाई जी ने बताया कि सद्गुरू महाराज के संत महात्मा आत्मज्ञान के साथ साथ समाज सेवा भी करते हैं। संस्था मानव उत्थान सेवा समिति ने कुछ समय पहले वृक्षारोपण अभियान चलाया और एक लाख पौधे देश भर में लगाए गए। मेडिकल कैम्प लगाया जिससे सैकड़ों लोगों ने संस्था द्वारा संचालित फ्री चैकअप कराया, और फ्री दवाइयां प्राप्त की। उसके बाद मुख्य वक्ता महात्मा प्रेमपरागानन्द जी ने अपने संबोधन में संस्था मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा संचालित विभिन्न कार्यों को बताया और आध्यात्मिक गुरु श्री सतपाल जी महाराज द्वारा बताए गए आत्म ज्ञान को जीवन में जानकर, अनुभव कर अपना कल्याण करने को कहा। मानव जीवन बड़े ही भाग्य से मिलता है। बड़े भाग मानुष तन पावा, सुर दुर्लभ, सद्ग्रंथन गावा। पूज्य महात्मा जी ने कहा कि आत्मज्ञान को ही जानकार मन को काबू में किया जा सकता है। आग लगी आकाश में, झड़ झड़ पड़े अंगार। संत न होते जगत में, जल मरता संसार। संसार को बचाने के लिए ही महापुरुष समय समय पर अवतरण होते है, और मनुष्य को ज्ञानी बना देते है। एक बजे सत्संग कार्यक्रम का समापन हुआ। सभी प्रेमी संगत ने भंडारा प्रसाद ग्रहण किया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय नागरिकों, शाखा प्रधान श्री जुग्गी लाल जी, श्री पुरूषोतम लाल, श्री विनोद कुमार, श्री राम पाल, श्रीमती सुकांती देवी, श्रीमती उर्मिला कश्यप, श्रीमती प्रेमवती, श्रीमती सुमन कटोरिया, श्रीमती लक्ष्मी, श्री अनिल यादव, जिला प्रधान श्री लक्ष्मी कांबोज जी , जिला सचिव श्रीमती पुष्पा हंस जी , जिला लेखाकार श्री अनिल कुमार जी, प्रधान श्री फिरतू राम, श्री कैलाश अवस्थी जी, मानव सेवा दल दिल्ली के प्रांतपाल श्री राम कुमार जी, श्री रामभरत गुप्ता जी, श्री श्याम बाबू जी, श्री शंकर शर्मा जी, श्री दिनेश मित्तल जी, श्री ध्यानु ठाकुर आदि ने पूर्ण सहयोग दिया।





