
दिल्ली/पंडवाला कलां,(आनन्द धारा न्यूज़)। 8 नवम्बर 2025 को विशाल संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए समाजसेवी और आध्यात्मिक गुरु श्री सतपाल जी महाराज ने कहा कि श्री हंस जी महाराज लोगो को धर्मशास्रो के श्लोको द्वारा उलझाने के बजाय आत्मज्ञान देकर धर्म के भेद और रहस्य को उजागर करने का कार्य करते थे। धर्म और कर्मकांड की जटिलता में उलझे लोगो को उन्होने आत्मज्ञान जानने के लिये प्रेरित किया और इसके लिये वे हमेशा भारतभ्रमण पर रहते थे।

योगिराज परमसंत श्री हंस जी महाराज की 125वी जयंती के शुभ अवसर पर मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा पंडवाला कलां स्थित श्री हंस नगर आश्रम में दो दिवसीय “सदभावना संमेलन” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देश के 17 राज्यों से पधारे संत-महात्मा तथा देशवासियों को संबोधित करते हुये श्री सतपाल जी महाराज ने कहा कि- श्री हंसजी महाराज ने समाज में शांति और सदभाव की स्थापना के लिये कार्य किया। यही नही, सन 1960 में दिल्ली के रामलीला मैदान में “संसार बचाओ कार्यक्रम” आयोजन कर पुरी दुनिया के राष्ट्राध्यक्षों को निशस्त्रीकरण के लिए आगे आने का आवाहन किया।
श्री सतपालजी महाराज ने उपस्थित जनसमुदाय को श्री हंसजी महाराज द्वारा दिखाये गये रास्ते पर चलकर देश और समाज में शांति का वातावरण कायम करने के लिये जुट जाने का आवाहन किया।

समिती द्वारा भारत के कोने-कोने में मानव धर्म का प्रचार-प्रसार कर सद्भावना की स्थापना हेतू पूरे देश में एक अभियान चलाया जा रहा हैं। इस अवसर पर उत्तराखंड के रामनगर से “द ट्रायलाँग कम्पनी” द्वारा भगवान श्री कृष्ण और उद्धव संवाद के उपर प्रस्तुत “उठो हंसा” नाट्य मंचन कर कलाकारों ने दर्शको की खूब तालियां बटोरी।
कार्यक्रम की भव्यता को देखते हुये 250 फिट लंबा और 50 फिट चौडा स्टेज बनाया गया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने वीडियों संदेश में श्री सतपाल जी महाराज द्वारा शांति तथा सदभाव का वातावरण फैलाने के लिये जो अभियान चलाया गया, उसकी भुरी-भुरी प्रशंसा की।

कार्यक्रम के दौरान एम्स और मैदान्ता हॉस्पिटल द्वारा स्वास्थ शिविर लगाया गया, इस शिविर से हजारों की संख्या में आये भक्तों ने स्वास्थ्य लाभ लिया। कार्यक्रम में समिति के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं द्वारा श्री महाराज सहित मंच पर उपस्थित माता अमृता जी, श्री विभु जी महाराज, श्री सुयश जी महाराज सहित अन्य गणमान्य लोगों का फुल-मालाओं और पुष्प-गुच्छ देकर स्वागत किया गया।



