Homeप्रशासन

आयु परीक्षण में होने वाले विलम्ब की समस्या, 48 घण्टों में कार्यवाही पूर्ण करें स्वास्थ्य विभाग-जिलाधिकारी

गाजियाबाद। महात्मा गांधी सभागार, कलैक्ट्रेट में जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में फैमिली आईडी बनाने एवं जनपद स्तरीय बाल श्रम उन्मूलन जनपद समिति एवं बन्धुआ श्रम सतर्कता समिति की संयुक्त बैठक आहूत हुई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह ने कहा कि शासनादेश के अनुसार फैमिली आईडी के तहत यूपी में रहने वाले परिवारों का लाइव डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। एक परिवार-एक पहचान योजना के तहत हर एक परिवार को फैमिली आईडी के तहत एक विशिष्ट नंबर जारी किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य योजनाओं का बेहतर प्रबंधन करना है, जिससे लाभार्थियों को समय से इसका लाभ मिल सके। जिलाधिकारी महोदय ने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया कि फैमिली आईडी जल्द से जल्द बनाने हेतु बेहतर प्लानिंग करें और एक टीम बनाकर फैमिली आईडी बनाई जाएंं। उन्होने कहा कि शासनादेश के अनुसार 27 विभागों द्वारा फैमिली आईडी बनाई जानी है और आवेदनकर्ताओं के आवेदन के एक सप्ताह के अन्तराल में आदेवन को स्वीकृत व अस्वीकृत करने का समय है। अत: सम्बंधित सभी विभागीय अधिकारी पूर्ण कर्त्तव्यनिष्ठा के साथ फैमिली आईडी के कार्य को पूर्ण करें।
जिलाधिकारी द्वारा चिन्हाकिंत बाल श्रमिकों के शैक्षिक पुनर्वासन के सम्बन्ध में श्रम विभाग एवं जिला बेसिक शिक्षा विभाग को शत प्रतिशत बच्चों को प्रवेशित कराये जाने, बाल श्रमिकों के परिवार के सदस्यों को शासन द्वारा संचालित विभिन्न रोजगार परक योजनाओं से भी आच्छादित किये जाने के निर्देश दिये गये। बैठक में प्रभारी एन्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट तथा श्रम प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा चिन्हित बाल श्रमिकों के आयु परीक्षण में होने वाले विलम्ब की समस्या के बारे में जिलाधिकारी महोदय को अवगत कराया गया। जिस पर जिलाधिकारी महोदय द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी को शासनादेशानुसार बाल श्रमिकों के प्रस्तुतीकरण के उपरान्त 48 घण्टों में आयु परीक्षण सम्बन्धित कार्यवाही पूर्ण कराये जाने के सख्त निर्देश दिये गये।
बन्धुआ श्रम सतर्कता समिति के अन्तर्गत समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी द्वारा श्रम विभाग एवं उपस्थित उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है, कि आपसी समन्वय करते हुए लम्बित समरी ट्रायल का त्वरित निस्तारण कराया जाये जिससे अवमुक्त बन्धुआ श्रमिकों के पुनर्वासन की कार्यवाही गतिशील ढंग से करायी जा सकें। जिलाधिकारी महोदय द्वारा मा० मानवाधिकार आयोग एवं अन्य स्रोतो से प्राप्त होने वाली बन्धुआ श्रम से सम्बन्धित शिकायतों में उप जिलाधिकारी एवं श्रम विभाग को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिये गये।जिलाधिकारी महोदय ने बाल श्रम अधिनियम के अन्तर्गत किन कार्यों/नियोजनों में बाल श्रम निषिद्ध है एवं अधिनियम में प्राविधानित विनियमन के सापेक्ष किन कार्यों में किशोर श्रमिकों से निहित शर्तों के तहत कार्य कराया जा सकता है, की जानकारी श्रमिकों सेवायोजक संगठनों को दी जाये तथा प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से आम जनमानस को भी इस सम्बन्ध में अवगत कराया जाने हेतु श्रम विभाग को निर्देशित किया।

बैठक में अभिनव गोपाल मुख्य विकास अधिकारी, रणविजय सिंह अपर जिलाधिकारी प्रशासन, डॉ.पूजा गुप्ता उपजिलाधिकारी मोदीनगर, अरूण दीक्षित उप जिलाधिकारी सदर, डॉ.राजेश श्रीवास्तव डीएसटीओ, अनुराग मिश्र उप श्रम आयुक्त, अमित तिवारी जिला पूर्ति अधिकारी, ओपी यादव जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, बुधराम एलडीएम, सहायक श्रमायुक्त, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, प्रभारी निरीक्षक ए०एच०टी०यू०, गाजियाबाद, नायब तहसीलदार लोनी एवं उप कृषि निदेशक गाजियाबाद, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, गाजियाबाद आदि उपस्थित रहें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button