दुबई मे पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियो का बहिष्कार किया जाएगा

गाजियाबाद मुख्यालय राष्ट्रीय सैनिक संस्था , 133 बी मॉडल टाउन ईस्ट – आज यहाँ राष्ट्रीय सैनिक संस्था के कुछ स्थानीय शीर्ष पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई |
राष्ट्रीय सैनिक संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष कर्नल तेजेन्द्र पाल त्यागी ने कहा की क्रिकेट गुलामी और भ्रष्टाचार का प्रतीक है | उन्होने कहा की हम पूर्व सैनिक है | सरहद पर तैनात सिपाही ज़्यादातर हमारे ही बच्चें है | आज का सिपाही पुराने समय की तरह कम पढ़ा लिखा नहीं है | उसके पास भी स्मार्ट मोबाइल है और वो टेलीविज़न देखता है | उसमे भी विश्लेषण करने की क्षमता आ गई है | उसे अपने नेताओ के आचरण और भाषण का पता लगता रहता है |
दुबई मे हुये भारत पाकिस्तान के क्रिकेट मैच के बारे मे सिपाही निम्नलिखित सावाल पूछ रहे है :
क्रिकेट गुलामी का प्रतीक है – आजादी के बाद हमे क्या आवश्यकता थी की हम , Common Wealth का सदस्य बने रहे | क्या हम आज भी किसी की संयुक्त संपत्ति है ? क्रिकेट कॉमन वेल्थ का गेम है | अगर ये इतना ही अच्छा होता तो इसे रूस और चाइना क्यो नहीं खेलते ?
क्रिकेट सीधे सीधे भ्रष्टाचार है – सिपाही पूछता है की हमारे गृह मंत्री के बेटे श्री जय शाह पहले BCCI मे रहे और अब ICC के अध्यक्ष है | क्या समझ मे नहीं आता की भारी विरोध के बावजूद दुबई मे पाकिस्तान के साथ मैच क्यों खेला गया ?
क्रिकेट और देश भक्ति एक साथ नहीं हो सकती – पाकिस्तान के साथ राजनैतिक संबंध खत्म कर दिये गए , वीजा खत्म कर दिया गया , व्यापार खत्म कर दिया गया , सिंधु जल समझौता खत्म कर दिया गया तो फिर क्रिकेट के लिए दरवाजा क्यो खुला रखा ? दुबई मे पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियो का सार्वजनिक , सामूहिक और सम्पूर्ण बहिष्कार होना चाहिए
क्रिकेट मेच के लिए गोल्ड कार्ड – प्रतिष्ठित व्यक्तियों को क्रिकेट मेच देखने के लिए स्पेशल गोल्ड , प्लेटिनम या सिल्वर कार्ड दिये जाते है ताकि वो अपनी लोकप्रियता का फायदा उठाकर हमारे युवको के दिमाग मे ब्रहमांड के सिद्धांत जानने की बजाय क्रिकेट की उपलब्धियां बताए की किस मेच मे किसने कितने रन बनाए |
क्रिकेट की भेड़ चाल बदलनी चाहिए – अगर लोगों से पूछा जाए की क्या वो एक घंटे चुप रहने के लिए एक हजार रुपए लेने के लिए राजी हैं । विशाल बहुमत कहेगा ” हां ” | क्या ये तर्क संगत है ? यानि नवाब पटोदी जैसे लोगों ने क्रिकेट को ऐसी मान्यता दिलवा दी की हर न्यूज बुलेटिन के बाद मे क्रिकेट का स्कोर बताया जाता है | आवश्यकता फुटबाल जैसे आम आदमी के खेल को बढ़ावा देने की है |
इस अवसर पर कर्नल मुकेश त्यागी ,श्रीमति अंजु शर्मा , गौरव सेनानी ज्ञान सिंह ,गौरव सेनानी चन्दन सिंह , गौरव सेनानी गणेश दत्त , स्वाती बंसल ने कहा की क्रिकेट का बहिष्कार हम गाजियाबाद से ही प्रारम्भ करेंगे |



