विशाल सद्भावना यात्रा एवं सत्संग समारोह आयोजित

नजफगढ़ (पश्चिमी दिल्ली)। परमपूज्य सदगुरूदेव श्री सतपाल जी महाराज की प्रेरणा से मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान में कैर गांव में विशाल सद्भावना यात्रा एवं सत्संग समारोह का आयोजन किया गया।
यात्रा का शुभारंभ सुबह 9 बजे कैर गांव के मेन बस स्टॉप से हुआ, जो फिरनी रोड होते हुए दादा जाखड़ा मंदिर और स्वर्गीय हरि राम व उनकी धर्मपत्नी श्रीमती विमला देवी के निवास स्थान के समीप माता चौक पर संपन्न हुई। संत महात्माओं का फूल मालाओं से स्वागत किया गया। भक्तजन “श्री सतपाल जी महाराज का एक ही नारा, जागे भारत देश हमारा” जैसे नारों के साथ यात्रा में शामिल हुए।
यात्रा में मानव धर्म मंदिर, ककरोला आश्रम से साध्वी रत्नावली बाई जी और साध्वी संगीता बाई जी भी सम्मिलित हुईं। भक्तजन हाथों में महापुरुषों की तस्वीरें और सद्भावना सम्मेलन के बैनर लिए हुए थे। संस्था की पत्रिकाएं हंसादेश और मानव धर्म संदेश भी ज्ञान प्रचार हेतु वितरित की गईं।
लगभग 10 बजे यात्रा सत्संग स्थल माता मंदिर पहुंची, जहां प्रसाद स्वरूप चाय-बिस्किट वितरित किए गए। तत्पश्चात सत्संग कार्यक्रम आरंभ हुआ। साध्वी संगीता बाई जी ने सत्संग की शुरुआत की, साध्वी भारती बाई जी ने गुरु भक्ति पर भजन प्रस्तुत किया। साध्वी रत्नावली बाई जी ने आत्मज्ञान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समय के सदगुरू ही संसार में अध्यात्म ज्ञान का उपदेश देते हैं।
श्री हंस नगर आश्रम पंडवाला कलां से पधारे महात्मा ध्वजानन्द जी ने नाम सुमिरन की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्य वक्ता साध्वी सरुपा बाई जी ने ठंड के मौसम में बड़ी संख्या में उपस्थित भक्तों का आभार व्यक्त किया और कहा कि संत-महानपुरुष ही संसार को बचाने के लिए आते हैं तथा सत्संग के माध्यम से अध्यात्म ज्ञान का प्रचार करते हैं।
कार्यक्रम में लगभग 750 भक्तों ने भाग लिया। ग्राउंड के भीतर और बाहर गलियों तक श्रद्धालु सत्संग सुनते दिखाई दिए। कार्यक्रम का समापन दोपहर 1 बजे आरती-पूजा और भंडारा प्रसाद वितरण के साथ हुआ। आयोजन की सफलता में मानव उत्थान सेवा समिति की जिला शाखा समिति, मानव सेवा दल और स्थानीय लोगों का विशेष सहयोग रहा।





