लोहडी व मकर सक्रान्ति का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया

गाज़ियाबाद। अनुज गोयल कॉलेज ऑफ लॉ, भोजपुर में लोहडी व मकर सक्रान्ति का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कॉलेज की डायरेक्टर (डा॰) पूनम गोयल ने कहा कि मकर सक्रान्ति भारतीय संस्कृति का ऐसा प्राचीन पर्व है, कि जिसकी जडे प्रकृति, कृषि, विज्ञान और लोकजीवन की गहरी समझ मे समाई हुई है। इस दिन सूर्य की उत्तरायण यात्रा आरम्भ होती है, जिसे अंधकार से प्रकाश की ओर, निराशा से आशा की ओर जड़ता से चेतना की ओर जाने का प्रतीक माना जाता है।
कॉलेज के अध्यक्ष सीए (डा॰) अनुज गोयल जी ने अपने सन्देश में कहा कि मकर संक्रान्ति एक तिथि नही है, बल्कि ऋतु परिवर्तन का सजीव संकेत भी है इस दिन से बसंत ऋतु के आने व खेतो मे रबी की फसले लहलाने लगती है। सरसो के पीले फूल खेतो में प्रकृति की मुस्कान बिखेरते है। यह उत्सव किसान के लिए आशा सन्तोष और भविष्य की योजनाओ का प्रतीक है।
प्रोफेसर (डा॰) पंकज जी ने कहा कि यह पर्व पारिवारिक समरसता, क्षमा और सम्बन्धो की पुनर्स्थापना का सन्देश देता है।
विधि सलाहकार डा० जुगेश असपाल जी ने कहा कि यह पर्व पूरे देश में किसी न किसी स्प में मनाया जाता है, इसके नाम, परम्पराए और स्वरूप क्षेत्र विशेष के अनुसार बदल जाते है। यह पर्व कही लोहडी, कही खिचड़ी, कही माघाो तो कही पतंगोत्सव के रूप में मानाया जाता है। दक्षिण भारत में पोगंल, उत्तरायण, पौष संक्रान्ति के रूप में मनाया जाता है।
इस अवसर पर गुड, तिल, मूगफली का वितरण किया गया। इस पर्व में सभी शिक्षको व अन्य कर्मचारियो ने अपनी सहभागिता दी।



