
नई दिल्ली/काठमांडू। भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा 2 मार्च की आधी रात से 5 मार्च की आधी रात तक पूरी तरह बंद रहेगी। इस दौरान दोनों देशों के बीच लोगों की आवाजाही के साथ-साथ वस्तुओं के आयात-निर्यात पर भी रोक रहेगी।
यह निर्णय नेपाल में 5 मार्च को होने वाले चुनावों के मद्देनजर लिया गया है। चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा कारणों से सीमा सील करने का फैसला किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया जाएगा।
सीमा बंद रहने के दौरान किसी भी प्रकार की वाणिज्यिक गतिविधि की अनुमति नहीं होगी। ट्रकों और मालवाहक वाहनों की आवाजाही भी अस्थायी रूप से रोकी जाएगी। हालांकि, आपातकालीन सेवाओं को लेकर स्थानीय प्रशासन आवश्यकतानुसार निर्णय ले सकता है।
भारत-नेपाल के बीच खुली सीमा व्यवस्था के कारण दोनों देशों के नागरिक बिना वीजा के आवागमन कर सकते हैं और व्यापारिक गतिविधियां भी बड़े पैमाने पर होती हैं। ऐसे में सीमा बंद रहने से सीमावर्ती बाजारों और कारोबार पर अस्थायी प्रभाव पड़ सकता है।
प्रशासन ने सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और व्यापारियों से अपील की है कि वे तय समय सीमा का पालन करें और अनावश्यक यात्रा से बचें। 5 मार्च की आधी रात के बाद स्थिति सामान्य होने पर सीमा को फिर से खोल दिया जाएगा।



