
गाजियाबाद,(आनन्द धारा न्यूज़)। सवर्ण महासभा यूजीसी के खिलाफ अब आर-पार की लडाई लडेगा और यूजीसी की शवयात्रा निकालेगा। इस पर भी सरकार ने यूजीसी को वापस नहीं लिया तो सवर्ण हर चुनाव में अपने प्रतिनिधि उतारेगा। यह निर्णय महासभा की बैठक में लिया गया। सवर्ण महासभा के प्रवक्ता ब्रह्मऋषि विभूति बीके शर्मा हनुमान ने कहा कि सरकार की नजर में सवर्ण समाज का कोई महत्व ही नहीं है। यही कारण है कि उसने यूजीसी कानून को अभी तक वापस नहीं लिया है, मगर अब सवर्ण समाज शांत बैठने वाला नहीं है। यूजीसी के खिलाफ जो संघर्ष-आंदोलन शुरू किया गया है, वह तब तक खत्म नहीं होगा, जब तक कि यूजीसी के काले कानून को वापस नहीं लिया जाता है। बीके शर्मा हनुमान ने कहा कि सवर्ण समाज ने हमेशा ही सर्वहित व सर्वसमाज कल्याण की भावना के साथ कार्य किया। अपने स्वार्थ का त्यागकर समाज के सभी वर्गो के हित का ध्यान रखा और समाज के सभी वर्गो को आगे बढाने का कार्य किया। सवर्ण समाज जिस मुकाम पर है, वह समाज के लोगों की मेहनत, योग्यता, सघर्ष व निस्वार्थ सेवा भाव का ही फल है। देश में कोई भी ऐसा क्षेत्र नहीं है, जिसमें सवर्ण समाज का अहम योगदान ना हो। देश ने आज हर क्षेत्र में जो भी विकास किया, उसमें अहम भूमिका समाज की ही है। समाज के लोगों की मेहनत, योग्यता, त्याग व संघर्ष के चलते ही आज भारत का पूरे विश्व में इतना मान-सम्मान है। समाज ने सर्व हिताय की भावना को ही सर्वोपरि माना। जरूरतमंदों को शिक्षित करने के लिए विद्यालय खोले। उनके इलाज के लिए अस्पताल खोले। उनके लिए धर्मशालाएं बनवाईं। समाज द्वारा जरूरतमंद कन्याओं के विवाह कराए जा रहे हैं। जरूरतमंद बच्चों को कॉपी-किताब, स्टेशनरी, जूते, बैग आदि उपलब्ध कराई जा रही है। गरम कपडे आदि वितरित किए जा रहे हैं। जरूरतमंदों के लिए निशुल्क कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। समाज के ऐसे निस्वार्थ सेवा भाव ने ही उसकी पूरे विश्व में अलग पहचान बनाई। सवर्ण समाज विरोधी कुछ लोगों से यह सब सहन नहीं हुआ और समाज को दबाने के लिए उस पर तरह-तरह के कानून थौंपे गए। इस सबको सहन करते हुए समाज निस्वार्थ भाव से आगे बढता गया तो समाज विरोधी लोगों ने यूजीसी को अपना हथियार बनाया और इसके माध्यम से सवर्ण समाज के बच्चों को शिक्षा से वंचित करने के लिए यूजीसी का काला कानून बनाया गया। सुप्रीम कोर्ट ने भी माना कि यूजीसी कानून का दुरूपयोग हो सकता है, अतः इसमें संशोधन किया जाए। इस सबके बावजूद सरकार ने अभी तक भी यूजीसी के काले कानून को वापस नहीं लिया है, मगर सवर्ण समाज अब चुप बैठने वाला नहीं है सवर्ण महासभा के संयोजक वी के अग्रवाल ने कहा कि अब बात हमारे बच्चों के भविष्य की है।

हम तो वर्षो से अत्याचार व जुल्म सहन करते आ रहे हैं, मगर अपने बच्चों पर अत्याचार नहीं होंने देंगे। अपने बच्चों को शिक्षा के अधिकार से वंचित नहीं होने देंगे। इसी के चलते समाज ने यूजीसी के खिलाफ संघर्ष को और तेज करने का निर्णय लिया है। हर शहर की गली-मोहल्ले में सूजीसी के काले कानून की शवयात्रा निकाली जाएगी। सवर्ण महासभा के संयोजक सेवाराम त्यागी ने कहा कि सरकार ने इस कानून को वापस नहीं लिया तो उसे सत्ता से बाहर करने के लिए सवर्ण समाज नगर पालिका, नगर निगम, नगर पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक चुनाव में अपने प्रतिनिधि खडे करेगा। इस अवसर पर महासभा के संयोजक विनय कक्कड़, सहसंयोजक प्रेमचंद त्यागी, कोष संयोजक, सुनील निगम, सहसंयोजक स्वरूप चंद शर्मा, सहसंयोजक नरेंद्र कुमार नदी, कानूनी संयोजक डॉ सतीश भारद्वाज एडवोकेट, सहसंयोजक सतीश चोपड़ा, सहसंयोजक संजय चौहान, कार्यक्रम के प्रायोजक देवेंद्र हितकारी, रमेश मंगल, विनोद त्यागी पर पार्षद, आदि लोग मौजूद थे।



