कार्तिक मास पर ‘साथी फाउंडेशन’ की अनूठी पहल, मंदिरों में बांटे तुलसी के पौधे और दीप

गाजियाबाद,(आनन्द धारा)। कार्तिक मास के पावन आगमन पर साथी फाउंडेशन द्वारा धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कविनगर स्थित विभिन्न मंदिरों में तुलसी के पौधों एवं दीपों का वितरण किया गया। इस पहल के माध्यम से संस्था ने लोगों को सनातन परंपराओं से जुड़ने, धार्मिक मूल्यों को आत्मसात करने तथा प्रकृति के संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
हिंदू धर्म में कार्तिक मास का विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। यह महीना भगवान श्रीहरि विष्णु की आराधना, तुलसी पूजन, दीपदान और भक्ति-साधना के लिए अत्यंत पवित्र माना गया है। इसी धार्मिक भावना को आगे बढ़ाते हुए साथी फाउंडेशन ने मंदिरों में तुलसी के पौधे और दीप अर्पित किए। संस्था की इस पहल का उद्देश्य श्रद्धालुओं को कार्तिक मास की धार्मिक परंपराओं से जोड़ना तथा घरों और मंदिरों में पूजा-पाठ एवं दीपदान के प्रति प्रेरित करना रहा।

तुलसी पूजन के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश
भारतीय सनातन संस्कृति में तुलसी के पौधे को अत्यंत पवित्र और पूजनीय स्थान प्राप्त है। धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ तुलसी का पौधा पर्यावरण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में तुलसी के पौधों का वितरण केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि हरियाली बढ़ाने और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा भी है।
साथी फाउंडेशन की इस पहल ने धर्म और पर्यावरण संरक्षण के बीच सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया। मंदिरों में दीपों का वितरण कर श्रद्धालुओं को कार्तिक मास में दीप प्रज्वलित करने तथा अपने जीवन में सकारात्मकता, सद्भाव और सेवा भाव को अपनाने का संदेश दिया गया।
साथी फाउंडेशन की इस पहल से यह संदेश दिया गया कि धार्मिक परंपराओं का पालन करने के साथ-साथ प्रकृति की रक्षा करना और समाज में सद्भाव बनाए रखना भी हम सभी का दायित्व है। कार्तिक मास में घरों और मंदिरों में दीप प्रज्वलित कर तथा तुलसी का पौधा लगाकर प्रत्येक व्यक्ति धर्म, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी सहभागिता निभा सकता है।



