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उत्तराखंड पर्यटन में सतपाल महाराज की आधुनिक पहलें

देहरादून। उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज राज्य को आधुनिक पर्यटन का केंद्र बनाने के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाओं पर काम कर रहे हैं। उनकी पहलें न केवल धार्मिक पर्यटन को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बना रही हैं, बल्कि साहसिक खेलों और भविष्यवादी योजनाओं के जरिए राज्य को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने का प्रयास भी कर रही हैं।

एस्ट्रो-टूरिज्म और ‘नक्षत्र सभा’

  • सतपाल महाराज ने उत्तराखंड के साफ आसमान को पर्यटन की नई पहचान बनाने के लिए ‘नक्षत्र सभा’ अभियान शुरू किया है।
  • चमोली जिले का बेनीताल भारत का पहला एस्ट्रो-विलेज बन रहा है, जहां प्रकाश प्रदूषण न के बराबर है और तारों व आकाशगंगाओं का अद्भुत नजारा मिलता है।
  • यहां हाई-टेक टेलिस्कोप, एस्ट्रो-फोटोग्राफी वर्कशॉप और तारों के नीचे कैंपिंग जैसी सुविधाएं पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं।
  • मूसूरी (जॉर्ज एवरेस्ट), हर्षिल-जादुंग और जागेश्वर को भी इस नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। साहसिक खेलों का वैश्विक हब
  • उत्तराखंड को ‘एडवेंचर कैपिटल’ बनाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है।
  • ऋषिकेश में बंजी जंपिंग और राफ्टिंग को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुरक्षित बनाया गया है।
  • औली को वर्ल्ड-क्लास स्कीइंग डेस्टिनेशन बनाने के लिए 365 दिन का मास्टर प्लान तैयार किया गया है।
  • टिहरी झील में वाटर स्पोर्ट्स और पिथौरागढ़ व पौड़ी में पैराग्लाइडिंग की नई साइट्स विकसित की जा रही हैं, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल रहा है। डिजिटल चारधाम और स्मार्ट यात्रा
  • तीर्थयात्रियों के लिए अब डिजिटल पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
  • ‘क्यू-मैनेजमेंट’ सिस्टम और डिजिटल टोकन से श्रद्धालुओं को लंबी कतारों से राहत मिल रही है।
  • केदारनाथ हेली सेवा की टिकट बुकिंग अब पूरी तरह IRCTC के माध्यम से ऑनलाइन की जा रही है।
  • यात्रियों की सुरक्षा के लिए रिस्ट बैंड और जीपीएस ट्रैकिंग की व्यवस्था की जा रही है। अन्य भविष्यवादी योजनाएं
  • विब्रेंट विलेज योजना के तहत सीमावर्ती गांवों जैसे जादुंग और नीति घाटी में होमस्टे विकसित किए जा रहे हैं।
  • आयुर्वेदिक फूड थाली के जरिए मंडुआ और झंगोरा जैसे पारंपरिक अनाजों को होटलों और रिसॉर्ट्स में बढ़ावा दिया जा रहा है। इन पहलों से उत्तराखंड पर्यटन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। धार्मिक आस्था, साहसिक खेल, आधुनिक तकनीक और पारंपरिक संस्कृति का संगम राज्य को एक अद्वितीय पर्यटन गंतव्य बनाने की ओर अग्रसर है।

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