महाराजा अग्रसेन जयंती पर कवि सम्मेलन, 45 मेधावी छात्र-छात्राएं सम्मानितअग्रसेन के हैं वंश, अग्रदूत हम – सौरभ जैन सुमन

मुरादनगर, (मनीष गोयल)। नगर के विजय मंडी में वैश्य समाज की ओर से महाराजा अग्रसेन जयंती के अवसर पर कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न शहरों से आए कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर समाज के 20 गणमान्य लोगों को ‘वैश्य शिरोमणि’ की उपाधि से अलंकृत किया गया, जबकि 45 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
कवि सम्मेलन का संचालन मेरठ से आए कवि सौरभ जैन सुमन ने किया। उन्होंने अपनी ओजपूर्ण एवं हास्य कविताओं से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। उनकी पंक्तियां ‘अग्रसेन के हैं वंश, अग्रदूत हम, देश के भविष्य, वर्तमान, भूत हम, उन्नति के तारों का तू आसमान ले, सिक्का एक-एक ईंट का विधान ले’ सुनकर पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। वहीं व्यंग्यकार डॉ. प्रतीक गुप्ता ने अपनी हास्य-व्यंग्य रचनाओं से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। मुजफ्फरनगर से पहुंचे वीर रस के कवि विनीत मित्तल ने देशभक्ति और वीरता से ओतप्रोत कविताओं के माध्यम से श्रोताओं में जोश भर दिया। उनकी पंक्तियां ‘मिट्टी की खुशबू है, खून में देश का रंग है, जो घर के लिए जिए, वह भी वीर, जो देश के लिए मरे, वह अमर है’ को खूब सराहना मिली।

दिल्ली से आईं श्रृंगार रस की कवयित्री राधिका गुप्ता ने प्रेम और संवेदनाओं से भरी रचनाओं की प्रस्तुति देकर श्रोताओं का मन मोह लिया। उनकी पंक्तियां ‘तेरे नाम की खुशबू अब सांसों में बसने लगी, जो तू नहीं मिला तो भी तेरी याद मिल गई’ तथा सृष्टि में भी राम, दृष्टि में भी राम, रोम रोम में भी राम और राम ही सकल जहां है… पर श्रोताओं ने तालियों के साथ उत्साहवर्धन किया।
समारोह में इस वर्ष दसवीं एवं बारहवीं कक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के साथ सीए, सीएस, डॉक्टर और इंजीनियर बनने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान लकी ड्रॉ भी आकर्षण का केंद्र रहा, जिसमें 11 वैश्य परिवारों को पुरस्कार प्रदान किए गए।



