नारायण विद्यापीठ मंडौरा में बच्चों संग संवाद

नारायण विद्यापीठ मंडौरा में विद्यार्थियों को सुशिक्षित एवं संस्कारवान बनाने के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया गया । जिसमे अपने-अपने विषय के तीन विद्वान प्रोफेसर डॉ. राकेश राणा एम् एम् एच कॉलेज ग़ज़ियाबाद समाज शास्त्र विभाग से, श्री विकास नागर जी शिक्षाविद एवं मस्तिष्क एकाग्रता विशेषज्ञ और भाई राजीव नवल जी मुख्य संपादक उलझन-सुलझन समाचार पत्र एवं वरिष्ठ समाजसेवी ने हिस्सा लिया बच्चों का मार्गदर्शन किया! प्रो० (डा.)राकेश राणा जी ने क्लास रूम शिक्षा के अलावा शिक्षा ग्रहण करने के दूसरे व्यवहारिक तरीकों के अभ्यास करके बच्चे बेहतर परफॉर्म कर सकते हैं । इस बात पर विस्तार से प्रकाश डाला। वही विकास नागर जी ने मस्तिष्क एकाग्रता के कई टिप्स बच्चों को दिए और अभ्यास कराये।
मोटिवेशनल स्पेशलिस्ट भाई राजीव नवल जी ने आज के युग में प्रतियोगिता आधारित परफॉरमेंस को कैसे सुधारें। बच्चों को बारीकी से उसके तरीके बताये। साथ ही श्री राजीव जी ने एक महान शिक्षाविद प्रबंधन विशेषज्ञ आई. आई. एम्. अहमदाबाद के पूर्व प्रोफेसर डीन रहे डॉ. जगदीप छोकर जी के जीवन का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे डॉ० जगदीप छोकर ने एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की संस्थापना की और देश के लोकतंत्र को सुंदर और सशक्त बनाने के लिए चुनावी सुधारों के अभियान को आगे बढ़ाया। मतदाता जागरूकता जैसे मुद्दों को आमजन के समक्ष रखा, नोटा जैसे विकल्प दिलाये तथा मृत्युपरांत देह दान करके अपने जीवन को समाज और राष्ट्र को समर्पित कर दिया ।
विद्यार्थी नवाचार सम्बन्धी शिक्षा मस्तिष्क की एकग्रता और स्व. जगदीप छोकर जी के जीवन उदाहरण से एक प्रेरणादायक सीख पाकर काफी उत्साहित दिखे।
नारायण विद्यापीठ के संस्थापक प्रधानाचार्य,मेजर नारायण सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और कार्यक्रम के अंत में सबका आभार प्रकट किया।
नारायण विद्यापीठ के संस्थापक प्रधानाचार्य,मेजर नारायण सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और कार्यक्रम के अंत में सबका आभार प्रकट किया।
इस अवसर पर शिक्षकगण मांगेराम जी,जेन्स गौतम ,रविश जी नवीन जी और कु आँचल गौतम तथा क्षेत्र के अन्य गण मान्य कई जिम्मेदार व्यक्ति भी मौजूद रहे! बाल संवाद की यह कार्यशाला सफल रही और सुखद अनुभवों वाली रही।



