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शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य समारोह में सजी सुरों और कला की भव्य महफिल

गाज़ियाबाद,(आनन्द धारा)। वी.एन. भातखंडे संगीत महाविद्यालय, गाज़ियाबाद के तत्वावधान में आयोजित शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य समारोह में संगीत, नृत्य और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित साहित्यकार, शिक्षाविद् एवं गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

समारोह के मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय कवि एवं पद्मश्री सम्मानित डॉ. अशोक चक्रधर, वरिष्ठ पत्रकार प्रो. बलदेव भाई शर्मा, प्रो. लवली शर्मा (कुलपति, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़, छत्तीसगढ़) रहे। वहीं डॉ. वंदना शर्मा, डॉ. तरुणा सिंह, विजय कुमार सिंह (रजिस्ट्रार, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय), के.एस. गुप्ता (चेयरमैन, इनमेंटेक कॉलेज), मयंक गोयल (भाजपा महानगर अध्यक्ष) तथा **डॉ. लतिका गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ छात्राओं द्वारा राग हंसध्वनि में प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। इसके बाद चैती शर्मा ने देवी रागमाला के अंतर्गत एक साथ 24 रागों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गोविंद पोद्दारने तीनताल में तबला वादन की शानदार प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरीं। आर्यव आनंद एवं सुनयना शर्मा ने कथक नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति दी।

छात्राओं ने राग भैरवी पर आधारित चतुरंग “करत मोसे लरकैया कन्हैया माई” का गायन प्रस्तुत किया, जबकि छात्रों ने”सतरंगी रंगों सा उज्ज्वल ऐसा देश हमारा” गीत गाकर देशभक्ति का संदेश दिया। यूके के बर्मिंघम सिटी से आए उस्ताद जौहर अली ने वायलिन वादन से समां बांधा और कहा कि संगीत व्यक्ति को बेहतर इंसान बनाता है।

डॉ. तपन रॉय एवं सुमेधा बरारा ने कथक नृत्य के माध्यम से भगवान कृष्ण के विराट स्वरूप का सजीव अभिनय प्रस्तुत किया। समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले 100 शिक्षकों को सम्मानित भी किया गया।

अपने संबोधन में सभी अतिथियों ने गुरुजी पंडित हरिदत्त शर्मा की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने गायन, वादन और नृत्य का अद्भुत समागम प्रस्तुत किया है। उनके शिष्य देशभर में अपने गुरु और संस्थान का नाम रोशन कर रहे हैं। अतिथियों ने कहा कि पंडित हरिदत्त शर्मा ने अपना संपूर्ण जीवन संगीत साधना और समाज सेवा को समर्पित कर दिया है।

कार्यक्रम में डॉ. प्रीति त्रिगुणायत एवं अमर ने हारमोनियम, आयुष, कविश और मुकुल ने तबला, रामचंद्र पाल ने ऑक्टोपैड,सतीश कुमार ने कीबोर्ड तथा सरबजीत सिंह, नवनीत गुप्ता और आयुष्मान ने गिटार पर संगत की।

समारोह में डॉ. बागेश्री चक्रधर, रुचि बलूनी, राजा बलूनी, डॉ. संघमित्रा चक्रवर्ती, दीप्ति पंडित, आभा बंसल, ज्ञानेन्द्र शर्मा, हरिओम शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. ज्योति शर्मा ने कार्यक्रम का प्रभावी संचालन किया। वहीं नवीन शर्मा, पुनीत, अभय, दीप्ति त्रिपाठी, प्रीति उपाध्याय, रजत मित्तल, दीपक कर्नाटक एवं कमलेश शर्मा ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

समारोह का समापन राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ हुआ।

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