
गाजियाबाद,(आनन्द धारा)। अंतर्राष्ट्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME) दिवस के अवसर पर गुरुवार को फॉर्च्यून इन ग्राजिया होटल में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) गाजियाबाद चैप्टर एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में उद्योग संवाद बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग देश के वास्तविक “राष्ट्र निर्माता” हैं और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की औद्योगिक नीति के तहत एक्सप्रेस-वे के किनारे नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास किया जा रहा है। इसी क्रम में मोदीनगर-निवाड़ी क्षेत्र में जल्द नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि नए उद्योगों के विकास से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और जिले की औद्योगिक प्रगति को नई गति मिलेगी।

आईआईए के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. नीरज सिंघल ने नए औद्योगिक क्षेत्र में उद्यमियों को फ्री-होल्ड (स्वामित्व अधिकार) के आधार पर भूमि आवंटित करने की मांग उठाई, जिससे निवेशकों को दीर्घकालिक सुरक्षा मिल सके।
संवाद के दौरान जिलाधिकारी ने उद्योग जगत से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित बैंक गारंटी मामलों के निस्तारण, लोनी क्षेत्र में ईएसआईसी डिस्पेंसरी की स्थापना, औद्योगिक इकाइयों को सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए क्षेत्रवार रोस्टर तैयार करने तथा गाजियाबाद विकास प्राधिकरण से जुड़े लंबित मामलों पर आवश्यक निर्णय लेने के निर्देश दिए।
आईआईए गाजियाबाद चैप्टर के कार्यपालक चेयरमैन संजय अग्रवाल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अघोषित बिजली कटौती, विकास शुल्क, इंद्रप्रस्थ योजना से जुड़े भूखंड विवाद, गुलधर रैपिड मेट्रो स्टेशन से आईटीसी तक अतिक्रमण हटाने और प्रदूषण नियंत्रण जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

बैठक में उपायुक्त उद्योग आशुतोष सिंह, उपश्रम आयुक्त डॉ. दिव्य प्रताप सिंह, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह सहित जिले के सैकड़ों उद्यमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उद्यमियों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से औद्योगिक विकास को नई दिशा देने का संकल्प लिया गया।



