
गाजियाबाद। सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत गाजियाबाद में नई व्यवस्था लागू की गई है। अब सड़क हादसे में घायल व्यक्ति के लिए केवल 112 पर कॉल करना होगा। कॉल मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस तत्काल मौके पर पहुंचेगी तथा घायल को निकटतम सूचीबद्ध निजी अस्पताल में भर्ती कराकर उसका इलाज शुरू कराया जाएगा।
इस व्यवस्था के तहत गाजियाबाद के 18 निजी अस्पतालों को योजना से जोड़ा गया है, जहां सड़क हादसे में घायल मरीजों का सात दिन तक कैशलेस (निशुल्क) उपचार किया जाएगा। इसका उद्देश्य दुर्घटना के बाद इलाज में होने वाली देरी को रोकना और अधिक से अधिक लोगों की जान बचाना है।
इस संबंध में गुरुवार को संजयनगर स्थित मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीएमओ, पुलिस अधिकारियों तथा योजना से जुड़े 18 निजी अस्पतालों के चिकित्सकों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में योजना के प्रभावी संचालन, आपसी समन्वय और घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
अधिकारियों ने बताया कि सड़क हादसे के बाद अक्सर लोग इलाज के खर्च या अस्पताल में भर्ती की प्रक्रिया को लेकर असमंजस में रहते हैं। नई व्यवस्था के तहत ऐसी सभी परेशानियों को दूर करने का प्रयास किया गया है। घायल को पहले उपचार मिलेगा, जबकि औपचारिक प्रक्रियाएं बाद में पूरी की जाएंगी।
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं सड़क दुर्घटना होती दिखाई दे तो बिना समय गंवाए 112 नंबर पर कॉल करें। सूचना मिलते ही संबंधित एजेंसियां तत्काल मौके पर पहुंचकर घायल को अस्पताल पहुंचाएंगी। इससे ‘गोल्डन ऑवर’ के दौरान मरीज को उपचार मिल सकेगा, जो गंभीर मामलों में जीवन बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री राहत योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करना और हर घायल व्यक्ति को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। जिला प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि इस पहल से सड़क हादसों में घायल लोगों को शीघ्र उपचार मिलेगा और कई अनमोल जीवन बचाए जा सकेंगे।



