
नई दिल्ली,(पवन शर्मा/आनन्द धारा)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शन के समर्थन में समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव अभिषेक गर्ग अपनी टीम और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ शामिल हुए। उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पर प्रदर्शन में सहभागिता करते हुए सरकार और संबंधित प्रशासन के रवैये की आलोचना की।
प्रदर्शन के दौरान अभिषेक गर्ग ने मीडिया से बातचीत में कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा शोषितों, पीड़ितों और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने वालों के साथ खड़ी रही है। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन में उठाए जा रहे मुद्दों पर निष्पक्ष तरीके से विचार किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, जब तक लोगों की मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, पार्टी अपना विरोध जारी रखेगी।
महिलाओं के साथ कथित मारपीट के मामले में कार्रवाई की मांग
अभिषेक गर्ग ने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के साथ कथित मारपीट और अभद्रता की घटनाओं पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने महिलाओं के साथ मारपीट की और इस मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मांग की कि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो की जांच कर दोषियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

दिल्ली में 10 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी थी। हालांकि, घटना की परिस्थितियों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका को लेकर जांच की जरूरत है। citeturn271529search5
कार्यकर्ताओं ने की नारेबाजी
प्रदर्शन के दौरान अभिषेक गर्ग के साथ समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर नारेबाजी की और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई।
अभिषेक गर्ग ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सुनना और शिकायतों की निष्पक्ष जांच करना आवश्यक है। उन्होंने संबंधित प्रशासन से पूरे मामले में निष्पक्षता बरतने और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की अपील की।
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, हिरासत और कथित दुर्व्यवहार को लेकर भी सवाल उठे हैं। ऐसे मामलों में संबंधित पक्षों के आरोपों की निष्पक्ष जांच और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई महत्वपूर्ण है।



