महाराष्ट्र में MVA गठबंधन में फिर दरार? रणनीति बैठक से 23 विधायक रहे गायब

मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी (MVA) एक बार फिर कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। मानसून सत्र की रणनीति तैयार करने के लिए बुलाई गई गठबंधन की अहम बैठक में बड़ी संख्या में विधायकों की गैरमौजूदगी ने सियासी हलकों में चर्चाओं को तेज कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, बैठक में MVA के कुल 60 विधायकों में से 23 विधायक शामिल नहीं हुए। खास बात यह रही कि गठबंधन के कई बड़े चेहरे भी बैठक से दूर रहे। इनमें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार, जयंत पाटिल और कांग्रेस नेता नाना पटोले जैसे वरिष्ठ नेताओं की अनुपस्थिति ने सवाल खड़े कर दिए हैं।
बैठक का उद्देश्य आगामी मानसून सत्र के दौरान सरकार को घेरने की रणनीति बनाना था। विपक्षी दलों को सदन में एकजुट होकर मुद्दे उठाने की तैयारी करनी थी, लेकिन बैठक में विधायकों की कम उपस्थिति से गठबंधन की एकजुटता पर चर्चा शुरू हो गई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि MVA के भीतर पिछले कुछ समय से तालमेल को लेकर चुनौतियां सामने आती रही हैं। विधानसभा चुनाव के बाद गठबंधन में रणनीति और नेतृत्व को लेकर कई बार मतभेद भी देखने को मिले हैं।
हालांकि, MVA नेताओं की ओर से अभी तक बैठक में अनुपस्थिति को लेकर कोई बड़ा बयान सामने नहीं आया है। गठबंधन के सूत्रों का कहना है कि कुछ विधायक निजी कारणों और अन्य व्यस्तताओं के चलते बैठक में नहीं पहुंच सके।
महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र से पहले विपक्ष की यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही थी। अब देखना होगा कि सदन में MVA कितनी मजबूती के साथ सरकार के खिलाफ अपना पक्ष रख पाता है या फिर गठबंधन के अंदर चल रही खींचतान आगे भी जारी रहती है।



