
ग्रेटर नोएडा। गाजियाबाद के डूंडाहेड़ा गांव स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में पोलियो वायरस टाइप-1 मिलने के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। संक्रमण की रोकथाम के लिए आगामी 28 जून से पोलियो अभियान शुरू किया जाएगा। अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग तैयारियों में जुटा है। वहीं, अभियान शुरू होने से पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जिला मंत्री कुंता मावी ने कहा कि देश को पोलियो मुक्त बनाने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि वर्षों से कार्यकर्ता घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने और लोगों को जागरूक करने का काम करती आ रही हैं। उनके प्रयासों से ही वर्ष 2011 में भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया गया था।
उन्होंने बताया कि गाजियाबाद के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में पोलियो वायरस टाइप-1 की पुष्टि के बाद एक बार फिर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। 28 जून से शुरू होने वाले पोलियो अभियान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी अपनी जिम्मेदारी निभाएंगी, लेकिन इससे पहले उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना जरूरी है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के नाम दिए गए ज्ञापन में अपनी विभिन्न मांगों को रखा। उनका कहना है कि अभियान के दौरान उन्हें अतिरिक्त जिम्मेदारियां दी जाती हैं, लेकिन इसके अनुरूप सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जाते। उन्होंने मानदेय, कार्य व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग की है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से पोलियो वायरस मिलने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को पोलियो की खुराक जरूर पिलाएं और अभियान में सहयोग करें।
प्रशासन का कहना है कि पोलियो संक्रमण को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और अन्य विभाग मिलकर अभियान को सफल बनाने की दिशा में काम करेंगे। अब नजर 28 जून से शुरू होने वाले पोलियो अभियान पर है।



