
गाजियाबाद,(आनन्द धारा)। रोरी गांव स्थित महाराजा सूरजमल अखाड़े में आयोजित सब-जूनियर, सब जूनियर एवं जूनियर वर्ग के मासिक कुश्ती दंगल में विश्वविख्यात गुरु हनुमान जी के शिष्य रहे पूर्व पहलवान एवं शूटर शमशेर राणा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने पहलवानों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि “कुश्ती का चस्का, ब्रह्मचर्य का रास्ता है।”
दंगल के दौरान शमशेर राणा ने कई मुकाबलों का शुभारंभ पहलवानों के हाथ मिलवाकर कराया तथा विजेता पहलवानों को पदक पहनाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि बाबा परविंदर आर्य द्वारा संचालित महाराजा सूरजमल अखाड़ा और यहां नियमित रूप से आयोजित होने वाले मासिक दंगल युवा पहलवानों की प्रतिभा को निखारने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। आज इस अखाड़े के पहलवान प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं, जो पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने कहा कि दंगल में बड़ी संख्या में पहलवानों और खेल प्रेमियों की उपस्थिति यह साबित करती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी पारंपरिक खेलों के प्रति लोगों का विशेष लगाव है। उन्होंने इसका श्रेय बाबा परविंदर आर्य को देते हुए कहा कि उनके सतत प्रयासों से अखाड़ा नई पीढ़ी के पहलवान तैयार कर रहा है।

शमशेर राणा ने कहा कि यदि बचपन से ही बच्चों को अखाड़े की मिट्टी और कुश्ती से जोड़ दिया जाए तो यह उन्हें अनुशासन, ब्रह्मचर्य, संयम और स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित करता है। कुश्ती केवल एक खेल नहीं, बल्कि अच्छे चरित्र और मजबूत व्यक्तित्व निर्माण का माध्यम भी है।
उन्होंने दिल्ली से आए पूर्व पहलवान हवा सिंह राणा द्वारा पहलवानों को निशुल्क मुग्धर भेंट किए जाने की सराहना की। उन्होंने कहा कि आधुनिक जिम संस्कृति के बजाय युवाओं को देशी व्यायाम और पारंपरिक अखाड़ा संस्कृति को अपनाना चाहिए। इस अवसर पर हवा सिंह राणा ने “हर घर मुग्धर, हर घर स्वास्थ्य” का संदेश भी दिया।
कार्यक्रम में गुरु, खलीफा एवं कोच दादा राम नारायण राणा, नरेंद्र श्योरान, सुधीर मुखिया, निजाम पहलवान, विपिन राठी, अभिषेक पहलवान, दीपक अमराला सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति, पहलवान और खेल प्रेमी उपस्थित रहे।



