डेढ़ साल के बच्चे को जमीन पर पटककर हत्या करने वाले दोषी को कोर्ट ने दी फांसी की सजा

फिरोजाबाद,(आनन्द धारा)। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में डेढ़ वर्षीय मासूम आरव की नृशंस हत्या के मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। शिकोहाबाद में 30 मई को हुई इस दिल दहला देने वाली वारदात के महज 41 दिनों के भीतर न्यायालय ने सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी को फांसी की सजा सुनाई है। इस फैसले को त्वरित न्याय का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।
जनपद एवं सत्र न्यायाधीश ने शुक्रवार दोपहर करीब 2:45 बजे अपना फैसला सुनाते हुए मासूम के रिश्ते के चाचा विराज को हत्या का दोषी ठहराया। अदालत ने मामले को अत्यंत जघन्य और दुर्लभतम श्रेणी का अपराध मानते हुए आरोपी को मृत्युदंड देने का आदेश दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 30 मई को आरोपी ने डेढ़ वर्ष के मासूम आरव को बेरहमी से जमीन पर पटक-पटककर उसकी हत्या कर दी थी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया था। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और वैज्ञानिक साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर मजबूत आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत में सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर हुई। अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए आरोपी को दोषी करार दिया। इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए अदालत ने मृत्युदंड सुनाया।
कानूनी जानकारों का कहना है कि इतने कम समय में हत्या के मुकदमे का निस्तारण होना न्यायिक प्रक्रिया की गति और प्रभावशीलता को दर्शाता है। यह फैसला गंभीर अपराधों के मामलों में त्वरित न्याय का मजबूत संदेश भी माना जा रहा है।
फैसला सुनाए जाने के बाद पीड़ित परिवार ने न्यायपालिका और जांच एजेंसियों का आभार व्यक्त किया। वहीं स्थानीय लोगों ने भी इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में सख्त सजा अपराधियों के लिए निवारक साबित होगी।
यह फैसला न केवल पीड़ित परिवार के लिए न्याय का प्रतीक है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देता है कि मासूमों के खिलाफ जघन्य अपराध करने वालों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा मिल सकती है।



