
नई दिल्ली,(आनन्द धारा)। भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया और देश को संबोधित किया। अपने 75 मिनट के भाषण में प्रधानमंत्री ने विकसित भारत-2047, युवा सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी निर्माण को देश की प्रगति का आधार बताया। यह संबोधन पिछले चार वर्षों में उनका सबसे छोटा स्वतंत्रता दिवस भाषण रहा, लेकिन इसके दौरान दर्शकों का उत्साह चरम पर रहा और भाषण को बार-बार तालियों की गड़गड़ाहट मिली।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प केवल सरकार का नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का सामूहिक लक्ष्य है। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ को मजबूत करने का आह्वान करते हुए कहा कि देश आज उत्पादन, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने युवाओं को विशेष रूप से केंद्र में रखा। उन्होंने कहा कि देश का युवा वर्ग भारत के भविष्य का निर्माता है और उसे आधुनिक तकनीक एवं कौशल से सशक्त बनाना समय की आवश्यकता है। इसी दिशा में युवाओं के लिए प्रशिक्षण और नई अवसरपरक योजनाओं पर बल दिया गया। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, भाषण में युवा शक्ति का उल्लेख सबसे प्रमुख विषयों में रहा।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने स्वदेशी रक्षा उत्पादन, आधुनिक तकनीक और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि भारत अब रक्षा उपकरणों के निर्माण में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जो देश की सुरक्षा और आर्थिक मजबूती दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को नमन करते हुए देशवासियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज हर भारतीय के हृदय में राष्ट्रभक्ति की भावना और “वंदे मातरम्” का स्वर गूंज रहा है।
प्रधानमंत्री के संबोधन को सुनने के लिए लाल किले पर बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। भाषण के दौरान कई महत्वपूर्ण घोषणाओं और संदेशों पर श्रोताओं ने जोरदार तालियों के साथ स्वागत किया, जिससे पूरे समारोह में देशभक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा।



