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संस्कृति-प्रेमी निवासियों के समूह PCG की पहल से लक्ष्मी नारायण मंदिर पाम रिसॉर्ट में हुआ श्रीकृष्ण छठी का आयोजन

गाजियाबाद,(आनन्द धारा)। राजनगर एक्सटेंशन स्थित पाम रिसॉर्ट में 10 सितंबर 2026 को भगवान श्रीकृष्ण की छठी के पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का वातावरण देखने को मिला। पाम रिसॉर्ट के सनातन एवं संस्कृति-प्रेमी निवासियों के समूह पाम कल्चरल ग्रुप (PCG) की पहल पर लक्ष्मी नारायण मंदिर परिसर में लगातार छठे वर्ष श्रीकृष्ण छठी महोत्सव का आयोजन किया गया।

महोत्सव के अवसर पर लक्ष्मी नारायण मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप का विधि-विधानपूर्वक पूजन एवं धार्मिक अनुष्ठान किया गया। पूजा-अर्चना के उपरांत उपस्थित श्रद्धालुओं एवं निवासियों के लिए कढ़ी-चावल के प्रसाद की व्यवस्था की गई। इस अवसर पर पाम रिसॉर्ट के सैकड़ों निवासियों के साथ श्रमिकों एवं अन्य कर्मचारियों ने भी श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण किया।

सनातन संस्कृति में श्रीकृष्ण छठी का विशेष महत्व माना जाता है। जन्म के पश्चात बाल गोपाल के छठी संस्कार की यह परंपरा भगवान के बाल स्वरूप के प्रति वात्सल्य, प्रेम और श्रद्धा की अभिव्यक्ति है। साथ ही, यह परिवार एवं समाज में सेवा, सद्भाव, सामूहिक सहभागिता और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का संदेश देती है।

महोत्सव को सफल बनाने में 40 से अधिक PCG सदस्यों एवं संस्कृति-प्रेमी निवासियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। पूर्णिमा गोयल, कृष्णा गुप्ता, राजबीर त्यागी, पवन त्यागी, मंजू त्यागी, बबीता शर्मा, शिवांग पाठक, निशांत बंसल, शुभम सिंघल, वैभव जैन, रवि कुमार, संदीप शर्मा, संजय तारिका, अंकित बेलवाल, हिमांशी अंकित बेलवाल, प्रगति श्रीवास्तव, वंदना शर्मा, मोनिका कुमार, कुसुम सहगल एवं जी.डी. गुप्ता सहित अन्य सम्मानित निवासियों ने श्रमदान के साथ प्रसाद वितरण, तैयारियों एवं आयोजन से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं में अपना सहयोग प्रदान किया।

आयोजन की विशेषता यह रही कि इसमें समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता देखने को मिली। निवासियों के साथ श्रमिकों एवं अन्य कर्मचारियों ने भी प्रसाद ग्रहण किया। इससे धार्मिक आयोजन ने सामुदायिक सहभागिता, सामाजिक समरसता और आपसी सहयोग का स्वरूप प्राप्त किया।

PCG द्वारा लगातार छह वर्षों से श्रीकृष्ण छठी महोत्सव का आयोजन पाम रिसॉर्ट में धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने की दिशा में एक निरंतर पहल है। ऐसे आयोजन आधुनिक जीवनशैली के बीच नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं सनातन संस्कारों से जोड़ने के साथ-साथ सामुदायिक मूल्यों को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

श्रीकृष्ण छठी महोत्सव का समापन सेवा, श्रद्धा और सामूहिकता की भावना के साथ हुआ। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के प्रति भक्ति के इस पर्व ने पाम रिसॉर्ट परिसर में प्रेम, सद्भाव, सहयोग और सामाजिक एकता का सकारात्मक संदेश दिया।

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