
गाजियाबाद,(आनन्द धारा)। एम.एम.एच. कॉलेज में 10 सितंबर 2026 को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) द्वारा जागरूकता रैली एवं कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम को NSS के द्वितीय एक दिवसीय शिविर (One Day Camp) के रूप में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के लिए NSS स्वयंसेवकों ने प्रातः 10:00 बजे NSS कार्यालय में रिपोर्ट किया। इसके पश्चात प्रातः 11:00 बजे मनोविज्ञान विभाग के मार्गदर्शन में NSS स्वयंसेवकों द्वारा जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के दौरान स्वयंसेवकों ने विभिन्न नारों के माध्यम से स्वास्थ्य के महत्व एवं आत्महत्या की रोकथाम के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
NSS स्वयंसेवकों ने लोगों को मानसिक परेशानियों को नजरअंदाज न करने, अपनी बात साझा करने तथा आवश्यकता पड़ने पर सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित किया। रैली के माध्यम से समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता और जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया। रैली का समापन दोपहर 12:00 बजे हुआ।
रैली के पश्चात दोपहर 12:00 बजे NSS Auditorium में व्याख्यान आयोजित किये गये। कार्यक्रम की शुरुआत नवनियुक्त कार्यक्रम अधिकारी प्रो. सीमा रानी के स्वागत से हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता, अधिष्ठाता छात्र कल्याण एवं पूर्व कार्यक्रम अधिकारी प्रो. प्रकाश चौधरी ने की। मुुख्य वक्ता के रूप में मनोविज्ञान विभाग की प्रभारी प्रो मीना वर्मा ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व तथा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से लेने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. प्रकाश चौधरी ने विद्यार्थियों को अपनी परेशानियों को साझा करने तथा आवश्यकता पड़ने पर सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय के शिक्षक विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं और विद्यार्थी अपनी समस्याओं को शिक्षकों के साथ साझा कर सकते हैं।
कार्यक्रम का समापन दोपहर 1:45 बजे इस संदेश के साथ हुआ कि “मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें, अपनी बात साझा करें और आवश्यकता पड़ने पर सहायता लेने से न हिचकें।”
राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, संवेदनशीलता और सहायता लेने की सकारात्मक भावना को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम के अंत में प्रो शैलेन्द्र गंगवार द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित डा अल्पना रानी, डा सीमा गुप्ता, डा मीनाक्षी एवं अन्य शिक्षकों तथा स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया गया।



