अध्यात्म ज्ञान से ही मानव का मन शांत एवं स्थिर होगा- श्री सतपाल महाराज

हरिद्वार,(आनन्द धारा): 20 सितंबर को उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री एवं सुविख्यात आध्यात्मिक गुरु और समाजसेवी श्री सतपाल महाराज जी के पावन जन्मोत्सव के अवसर पर मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान में ऋषिकुल मैदान, हरिद्वार में दो दिवसीय भव्य आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया जा रहा है।
समारोह के प्रथम दिन देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए श्री सतपाल महाराज जी ने कहा कि योग और अध्यात्म ज्ञान भारतवर्ष के ऋषि-मुनियों की महान देन हैं। भारतीय ऋषि-मुनियों ने सदैव संपूर्ण मानव समाज के कल्याण की कामना की और “सर्वे भवन्तु सुखिनः” का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि अध्यात्म ज्ञान के माध्यम से ही मनुष्य का मन शांत और स्थिर हो सकता है। जब मन शांत होता है, तभी व्यक्ति अपने साथ-साथ दूसरों के कल्याण के बारे में भी सोच सकता है। आज के तनावपूर्ण जीवन में अध्यात्म मनुष्य को आंतरिक शांति और सकारात्मक दिशा प्रदान करता है।

श्री सतपाल महाराज जी ने कहा कि संतों ने मानव जीवन की विशेषता बताते हुए कहा है कि भोजन करना, सोना, भय और संतानोत्पत्ति जैसी चार प्रवृत्तियां सभी जीवों में समान रूप से पाई जाती हैं। मानव जीवन की विशिष्टता उसे प्राप्त ज्ञान में है। भगवान की कृपा से प्राप्त इस मानव तन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख-सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि ईश्वर को जानना और भजन, ध्यान एवं सुमिरन के माध्यम से अपने जीवन को सार्थक बनाना है।
उन्होंने कहा कि यदि मनुष्य अपने जीवन में ईश्वर का स्मरण नहीं करता और ज्ञान के मार्ग पर नहीं चलता, तो वह भी अन्य जीवों की तरह सांसारिक मोह-माया में ही उलझा रहता है। मनुष्य ही ऐसा प्राणी है जो ईश्वर को जानकर ध्यान, भजन और सुमिरन के माध्यम से भवसागर से पार हो सकता है।
आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
जन्मोत्सव समारोह में भजन, सत्संग, गुरु वंदना, बधाई गीत, वाद्य संगीत तथा परम पूज्य श्री सद्गुरुदेव जी महाराज के जीवन-वृत्त पर आधारित नाट्य प्रस्तुति सहित विभिन्न आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ गुरु वंदना से हुआ। बाल कलाकारों ने गुरु वंदना एवं गुरु वंदिश की मनमोहक प्रस्तुति दी। इसके पश्चात हंस भजन मंडली द्वारा “रे मानव क्या ढूंढे इस जग में” भजन प्रस्तुत किया गया। भजन मंडली द्वारा बधाई गीत “आओ-आओ सब मिलके” की प्रस्तुति भी दी गई।
समारोह में परम पूज्य श्री सद्गुरुदेव जी महाराज के जीवन-वृत्त पर आधारित नाट्य प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। आध्यात्मिक संदेश से ओत-प्रोत इस प्रस्तुति को श्रद्धालुओं ने खूब सराहा।
कार्यक्रम से पूर्व श्री सतपाल महाराज जी, माता श्री अमृता जी सहित सभी विभूतियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. संतोष यादव ने किया।
आयोजकों ने श्रद्धालुओं एवं भक्तजनों से पावन जन्मोत्सव समारोह में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर आध्यात्मिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का लाभ लेने का आह्वान किया।



