
नई दिल्ली,(आनन्द धारा)। केंद्र सरकार व्हाट्सएप और टेलीग्राम की यूजरनेम आधारित मैसेजिंग सुविधा को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए है। इस संबंध में जारी किए गए नोटिसों पर दोनों प्लेटफॉर्म की ओर से प्राप्त जवाबों की समीक्षा की जा रही है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में इस प्रकार की सेवाओं के लिए जो भी नियामक ढांचा तैयार किया जाएगा, वह सभी डिजिटल मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर समान रूप से लागू होगा।
सोमवार को एक साइबर सुरक्षा रिपोर्ट के लॉन्च कार्यक्रम के दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी (MeitY) सचिव एस. कृष्णन ने इस विषय पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंत्रालय को व्हाट्सएप की ओर से नोटिस का जवाब प्राप्त हो चुका है और संबंधित अधिकारी उसकी विस्तार से समीक्षा कर रहे हैं। समीक्षा पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
सरकार का कहना है कि किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म को नियमों से अलग छूट नहीं दी जाएगी। यदि नई व्यवस्था लागू होती है, तो उसके प्रावधान सभी सोशल मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर समान रूप से प्रभावी होंगे। इससे डिजिटल संचार व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
हाल के समय में यूजरनेम आधारित मैसेजिंग फीचर को लेकर गोपनीयता, साइबर सुरक्षा और दुरुपयोग की संभावनाओं पर कई सवाल उठे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने संबंधित कंपनियों से विस्तृत जानकारी और स्पष्टीकरण मांगा था। अधिकारियों का मानना है कि नई तकनीकों के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाना भी उतना ही आवश्यक है।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय फिलहाल प्राप्त प्रतिक्रियाओं का कानूनी और तकनीकी परीक्षण कर रहा है। इसके बाद आवश्यकता पड़ने पर आगे के दिशा-निर्देश या नियामक उपाय लागू किए जा सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा बढ़ाना और साइबर अपराधों पर नियंत्रण सुनिश्चित करना है। वहीं, तकनीकी कंपनियों को भी भविष्य में ऐसे किसी भी नियम का पालन करना होगा जो सभी प्लेटफॉर्म पर समान रूप से लागू किया जाएगा।
फिलहाल सरकार की समीक्षा प्रक्रिया जारी है और अंतिम निर्णय आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि यूजरनेम आधारित मैसेजिंग फीचर को लेकर आगे क्या नई व्यवस्था लागू की जाएगी।



