बोंगोतोरु के शारदोत्सव 2026 में सिंदूर खेला के साथ माँ दुर्गा को दी गई भावभीनी विदाई

गाजियाबाद,(पवन शर्मा,आनन्द धारा)। शारदोत्सव 21 अक्टूबर 2026 को बोंगोतोरु के में सेंट्रल पार्क, शिप्रा सनसिटी फेज़ 1, इंदिरापुरम में माँ दुर्गा की विदाई से पूर्व पारंपरिक सिंदूर खेला का आयोजन श्रद्धा, उल्लास और भावनात्मक माहौल में किया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने माँ दुर्गा को सिंदूर अर्पित कर उनके सुख, सौभाग्य और समृद्धि का आशीर्वाद माँगा। इसके बाद एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर प्रेम, सौहार्द और अखंड सुहाग की मंगलकामनाएँ दीं।
लाल सिंदूर से सजे चेहरों, पारंपरिक परिधानों और ढाक की गूंज के बीच पूरा परिसर भक्तिमय रंगों में रंग गया। महिलाओं ने एक-दूसरे के साथ खुशियाँ बाँटीं और माँ दुर्गा को अगले वर्ष पुनः आने की प्रार्थना के साथ भावभीनी विदाई दी। सिंदूर खेला बंगाली दुर्गा पूजा की एक महत्वपूर्ण परंपरा है, जो नारी शक्ति, आपसी प्रेम और सामुदायिक एकता का संदेश देती है।

बोंगोतोरु की मीडिया प्रभारी डॉ. अरुणिमा सिंघल ने कहा कि सिंदूर खेला केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि महिलाओं के बीच प्रेम, सम्मान, एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। ऐसे आयोजन हमारी परंपराओं को जीवंत रखते हैं और विभिन्न समुदायों को एक-दूसरे के करीब लाते हैं।
इस वर्ष बोंगोतोरु के शारदोत्सव की थीम “यह सफ़र कभी ख़त्म न हो” रही, जो महानायक उत्तम कुमार की जन्मशताब्दी के अवसर पर उन्हें समर्पित थी। पूरे आयोजन में भक्ति, संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता का सुंदर संगम देखने को मिला।
बोंगोतोरु शारदोत्सव 2026 ने एक बार फिर भारतीय संस्कृति और बंगाली परंपराओं की सुंदरता को प्रस्तुत करते हुए सभी के मन में अविस्मरणीय यादें छोड़ दीं।



