
गाजियाबाद,(आनन्द धारा)। शिव शंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र, गाजियाबाद के ज्योतिषाचार्य पंडित शिवकुमार शर्मा के अनुसार 22 जून को सूर्य आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सूर्य का आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश वर्षा ऋतु के पूर्वानुमान के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके साथ ही उत्तर भारत सहित पूरे देश में मानसून के विस्तार के संकेत मिलते हैं।
पंडित शिवकुमार शर्मा ने बताया कि वैदिक ज्योतिष में आर्द्रा नक्षत्र का संबंध मेघ, वायु, तूफान और वर्षा से माना गया है। आर्द्रा नक्षत्र के अधिपति राहु हैं और वर्षा विचार में आर्द्रा प्रवेश कुंडली का विशेष महत्व होता है।
उन्होंने बताया कि इस बार सूर्य मिथुन राशि में आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। वहीं बृहस्पति कर्क राशि में उच्च स्थिति की ओर अग्रसर रहेगा। शुक्र एवं चंद्रमा का जल तत्व वाली राशियों से संबंध बन रहा है, जबकि शनि मीन राशि में रहकर जल तत्व को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। ग्रहों की इन स्थितियों के आधार पर वर्षा सामान्य से बेहतर रहने के संकेत मिल रहे हैं।
ज्योतिषाचार्य के अनुसार 6 जुलाई तक सूर्य आर्द्रा नक्षत्र में रहेंगे। इस दौरान दिल्ली-एनसीआर सहित देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय होने की संभावना है। शुरुआती दौर में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। जुलाई के पहले और दूसरे सप्ताह में अच्छी वर्षा के योग बन रहे हैं, जबकि जुलाई के अंतिम दिनों में मानसून की गति कुछ धीमी पड़ सकती है।
उन्होंने बताया कि अगस्त माह में मानसून के दोबारा सक्रिय होने के संकेत हैं। दिल्ली-एनसीआर, गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और आसपास के क्षेत्रों में सामान्य से कुछ अधिक वर्षा होने की संभावना बन रही है।
इसके साथ ही 21 जून से सायण गणना के अनुसार सूर्य कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे दक्षिणायन की शुरुआत मानी जाएगी। सूर्य की गति धीरे-धीरे दक्षिण दिशा की ओर बढ़ने लगेगी और वर्षा ऋतु का विधिवत आरंभ होगा।



