
नई दिल्ली। यूरोप के कई देशों में पिछले एक सप्ताह से जारी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। भीषण हीटवेव (लू) के चलते पूरे महाद्वीप में सैकड़ों लोगों की मौत की खबर सामने आई है। वहीं, बढ़ते तापमान के कारण जंगलों में आग लगने की घटनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यूरोप के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया जा रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर फ्रांस, जर्मनी, इटली और बाल्कन देशों में देखने को मिल रहा है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अगले सप्ताह की शुरुआत से फ्रांस और जर्मनी जैसे देशों में एक बार फिर गर्मी का प्रकोप बढ़ सकता है।
इटली में स्थिति सबसे गंभीर बनी हुई है। रिकॉर्ड गर्मी के चलते देश के 22 शहरों में रेड हीट अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर में बोलजानो से लेकर दक्षिणी द्वीप सिसिली के पलेर्मो तक प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। रेड अलर्ट के दौरान बुजुर्गों, बच्चों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।
हीटवेव के कारण यूरोप के कई शहरों में सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। लोगों को दिन के समय घरों से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जा रही है। सार्वजनिक स्थानों पर ठंडे पानी और राहत केंद्रों की व्यवस्था की जा रही है।
गर्मी के कारण जंगलों में आग की घटनाएं भी बढ़ी हैं। सूखे मौसम और तेज गर्म हवाओं के चलते कई क्षेत्रों में आग तेजी से फैल रही है, जिससे पर्यावरण और स्थानीय आबादी को नुकसान पहुंच रहा है। दमकल विभाग और बचाव टीमें लगातार आग बुझाने में जुटी हुई हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ता तापमान जलवायु परिवर्तन का संकेत हो सकता है। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं के और बढ़ने की संभावना जताते हुए देशों को लंबे समय की रणनीति बनाने की सलाह दी है।
यूरोप के कई देश भीषण गर्मी से निपटने के लिए आपात कदम उठा रहे हैं और लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।



