2 अप्रैल को ध्रुव योग और गजकेसरी योग में मनाया जाएगा हनुमान जन्मोत्सव

व्रत की पूर्णिमा 1 अप्रैल को होगी
शिव शंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र गाजियाबाद।
पंडित शिवकुमार शर्मा के अनुसार
दिनांक 1 अप्रैल 2026 को प्रातः 7:06 तक चतुर्दशी तिथि है उसके पश्चात पूर्णिमा तिथि आ जाएगी।
इसलिए पूर्णिमा का व्रत ,सत्यनारायण व्रत कथा आदि का आयोजन 1 अप्रैल को होगा। क्योंकि पूर्णिमा तिथि उदयकालीन 2 अप्रैल को है ,जो प्रातः 7:41 बजे तक रहेगी। हनुमान जन्मोत्सव उदयकालीन पूर्णिमा में ही मनाया जाता है।
2 अप्रैल को ध्रुव योग और ग्रह गोचर के अनुसार गज केसरी योग बन रहे हैं।
भगवान हनुमान जी सप्त चिरंजीव देवों में से एक हैं।
यह कलियुग के प्रत्यक्ष देवता माने जाते हैं। भगवान राम के अनन्य भक्त और निष्काम सेवा भाव, अनुपम भक्ति के उदाहरण है। वीरता, पराक्रम,ब्रह्मचर्य, तेज ,बल के प्रतीक है और अपने भक्तों के कष्टों को दूर करने वाले हैं।
भगवान हनुमान जी का जन्म भगवान राम के समकालीन दक्षिण भारत में हुआ था। इनके पिता का नाम केसरी और माता का नाम अंजनी था। जनश्रुति के अनुसार हनुमान जी बचपन में बहुत उद्दण्ड प्रवृत्ति के थे ।ऋषियों को सताना इनके बालपन के कार्य थे। उनके इस कृत्य से परेशान होकर ऋषियों ने इनको अपने बल , पराक्रम को भूल जाने का श्राप दे दिया था। जो समुद्र पार करने से पहले सुग्रीव के सेनापति जामवंत जी ने हनुमान जी को उनका बल ,पराक्रम याद दिलवाया था और असंभव कार्य भी कर दिखाया। उसके पश्चात रामायण के प्रमुख पात्र में से एक राम के अनन्य भक्त,दीनता ,सेवा भावी और पराक्रमी,चिरंजीवी देव कहलाए।
हनुमान जन्मोत्सव मनाने की विधि
प्रातः काल जल्दी उठकर नित्य कर्मों से निवृत होकर अपने घर के मंदिर में अथवा सामूहिक रूप से हनुमान जी अथवा बालाजी के मंदिर में जाकर भगवान श्री राम ,राम दरबार सहित उनका आवाहन करें। पुष्पमाला , रोली ,चावल, कलावा, गंगाजल, फल ,मिष्ठान, मेवा आदि के द्वारा उनका षोडशोपचार पूजन करें।पीला सिंदूर , चमेली का तेल, चोला चढ़ाएं।
ॐ रामदूताय नमः।
ॐ हनुमते नमः।
ओम् श्री रामदूतं शरणं प्रपद्ये। आदि लघु मंत्रों से उनको प्रसन्न करने के लिए जाप करें। इसके अतिरिक्त
संकट मोचन हनुमान स्तोत्रम्, राम रक्षा स्तोत्रम् का जाप कर सकते हैं।
यदि हनुमान जन्मोत्सव का व्रत रखते हैं तो एक समय फलाहार करें। दैनिक दिनचर्या में नैतिकता एवं सात्विकता बरतें। ब्राह्मणों गरीबों को भोजन कराएं।
इस दिन हनुमान मंदिर में पताका आरोहण करना चाहिए। इसके साथ-साथ अपने घर पर भी भगवा ध्वज या हनुमान जी का झंडा अवश्य टांगे ।इससे कीर्ति और समृद्धि बढ़ती है।
पं. शिवकुमार शर्मा
ज्योतिषाचार्य एवं वास्तु कन्सलटेंट गाजियाबाद



