
कोलकाता,(आनन्द धारा)। पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम में चुनावी सभा के बाद एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। सभा समाप्त होने के बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi का काफिला हेलिपैड की ओर बढ़ रहा था, लेकिन अचानक बीच रास्ते में गाड़ियां रुक गईं। सुरक्षा कर्मी कुछ समझ पाते, उससे पहले ही प्रधानमंत्री अपनी गाड़ी से उतर गए।
दोपहर का समय था और माहौल पूरी तरह औपचारिक था, लेकिन प्रधानमंत्री का अगला कदम बेहद अनौपचारिक और मानवीय था। वे सीधे कॉलेज मोड़ के पास स्थित एक छोटे से झालमुड़ी के ठेले की ओर बढ़ गए। यह देख आसपास मौजूद लोग और सुरक्षाकर्मी दोनों ही चौंक गए।
दुकान पर खड़े विक्रेता विक्रम साव के लिए यह पल किसी सपने से कम नहीं था। अचानक देश के प्रधानमंत्री को सामने देखकर वह कुछ क्षणों के लिए स्तब्ध रह गया। पीएम मोदी ने मुस्कुराते हुए सहज अंदाज में कहा, “भाई, झालमुड़ी खिलाओ।” उनके इस व्यवहार ने पूरे माहौल को हल्का और आत्मीय बना दिया।
प्रधानमंत्री ने बिना किसी औपचारिकता के 10 रुपये की झालमुड़ी का ऑर्डर दिया। विक्रम साव जल्दी-जल्दी झालमुड़ी तैयार करने लगा, जबकि आसपास लोग इस अनोखे दृश्य को अपने मोबाइल में कैद करने लगे। जब झालमुड़ी तैयार हुई और विक्रम ने पैसे लेने से संकोच किया, तो प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “ऐसा नहीं होता,” और खुद पैसे देकर उदाहरण पेश किया।
यह छोटा सा घटनाक्रम स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री का यह कदम उनकी सादगी और आम जनता से जुड़ाव को दर्शाता है। वहीं सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से यह पल थोड़ा असामान्य जरूर रहा, लेकिन सब कुछ शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया।
इस अनौपचारिक मुलाकात ने झाड़ग्राम की इस चुनावी यात्रा को खास बना दिया, जहां राजनीति के बीच मानवीय संवेदनाओं की झलक साफ नजर आई।



