
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी और गबन मामले में गिरफ्तार किए गए आठों आरोपियों को सोमवार को पुलिस रिमांड नहीं मिल सकी। एंटी करप्शन कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद अदालत ने सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। मामले को लेकर देशभर के रामभक्तों में नाराजगी और चिंता का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और अन्य सामग्री के संबंध में अनियमितताएं की गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की थी, लेकिन अदालत ने इसे मंजूरी नहीं दी।
सोमवार को मामले की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराई गई। अधिवक्ताओं में बढ़ते आक्रोश और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यानरखते हुए कोर्ट प्रशासन ने आरोपियों की पेशी के लिए वर्चुअल माध्यम अपनाया। दोपहर करीब दो बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हॉल से सभी आरोपियों को अदालत के समक्ष पेश किया गया।
एंटी करप्शन कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपियों को पुलिस के हवाले करने के बजाय न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। अब सभी आरोपी जेल में रहेंगे और आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत मामले की जांच जारी रहेगी।
मामले को लेकर अयोध्या सहित देशभर में चर्चा तेज हो गई है। राम मंदिर से जुड़ा होने के कारण यह प्रकरण बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। श्रद्धालुओं ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि मंदिर की व्यवस्था और दान की पारदर्शिता बनी रहे।
पुलिस और जांच एजेंसियां अब मामले से जुड़े दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन और अन्य तथ्यों की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सभी की नजर अब अगली सुनवाई और जांच की प्रगति पर टिकी हुई है।



